Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

ICC टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल: लॉर्ड्स की जगह साउथहैम्पटन टीम इंडिया के लिए फायदेमंद कैसे

webdunia
  • facebook
  • twitter
  • whatsapp
share
मंगलवार, 6 अप्रैल 2021 (18:00 IST)
70 प्रतिशत से ज्यादा अंक लेकर भारत और न्यूजीलैंड आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशप के पहले फाइनल में पहुंची है। फाइनल 18 जून को क्रिकेट के मक्का और इंग्लैंड के एतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में प्रस्तावित था लेकिन कुछ महीने पहले बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने इस महामुकाबले की नई जगह बताई थी। 
 
इंग्लैंड,ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका की पिचें तेज गेंदबाजों के लिए जानी जाती है लेकिन हर देश में कोई न कोई पिच ऐसी है जो स्पिन को थोड़ी मदद जरुर करती है। 
 
दक्षिण अफ्रीका की बात करें तो पोर्ट एलिजाबेथ की पिच स्पिनर को मदद करती है। वहीं ऑस्ट्रेलिया के मैदानों को देखें तो सिडनी में टेस्ट होता है तो स्पिनर ढेरों विकेट झटकते हैं। इंग्लैंड में अगर कोई पिच है जो स्पिन को थोड़ी बहुत मदद दे सके तो वह साउथहैम्पटन की पिच है। 
 
भारत बनाम न्यूजीलैंड का यह मैच लॉर्ड्स की जगह साउथहैम्पटन के एजेस बाउल में खेला जाएगा। साउथम्पटन की पिच इंग्लैंड की दूसरी पिचों की तुलना में धीमी है और न्यूजीलैंड के खिलाफ यहां स्पिनरों की भूमिका अहम होगी।
 
इससे पहले भारतीय दर्शक तीन महीने पहले ही इस चिंता में पतले हो रहे थे कि लॉर्ड्स जैसी घास भरी पिच पर टीम इंडिया न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों को कैसे खेल पाएगी। 
 
गौरतलब है कि न्यूजीलैंड की टीम शीर्ष तेज गेंदबाजों से सुसज्जित है। ट्रेंट बोल्ट नील वॉगनर, लॉकी फर्ग्यूसन, टिम साउदी, एडम मिल्ने, कुछ गेंदबाज अपनी तेजी के लिए जाने जाते हैं तो कुछ अपनी लाइन और लैंग्थ के लिए। 
 
जैसे ही आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप का वेन्यू लॉर्ड्स से साउथहैम्पटन में बदला गया तो भारतीय फैंस के चहरे पर मुस्कान आयी कि कम से कम इन घातक कीवी गेंदबाजों का फायदा कुछ कम हुआ हालांकि  साउथहैम्पटन में हवा की भूमिका अहम होगी अगर पिच से खास मदद नहीं मिली तो।
 
भारत के टेस्ट स्पिनर रविचंद्रन अश्विन, अक्षर पटेल इस खबर को सुनकर काफी खुश हुए होंगे क्योंकि इंग्लैंड में अगर स्पिनिंग ट्रैक मिल जाए तो एक स्पिन गेंदबाज को इससे ज्यादा और क्या चाहिए। उस वक्त जड़ेजा भी टीम का हिस्सा हो सकते हैं।
 
चौथे टेस्ट में इंग्लैंड को पारी और 25 रनों से हराकर टीम इंडिया ने न केवल आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल का टिकट पाया था लेकिन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप रैंकिंग में भी 72.2 प्रतिशत के साथ पहला स्थान पा लिया था।
 
दूसरी ओर न्यूजीलैंड फरवरी के पहले सप्ताह में ही आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में दाखिल हो चुकी थी। ऑस्ट्रेलिया ने कोरोना के चलते दक्षिण अफ्रीका का तीन टेस्ट मैचों का दौरा स्थगित कर दिया था। इसका सीधा फायदा न्यूजीलैंड को मिला था और 70 प्रतिशत प्वाइंट के साथ कीवियों ने फाइनल में प्रवेश किया।
 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फाइनल खेलने के लिए इंग्लैंड जाने पर भारतीय और न्यूजीलैंड की टीम को 14 दिनों का क्वारंटाइन गुजारना होगाजैसा कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर किया था। स्टेडियम के अंदर ही बने हिल्टन होटल में दोनों ही टीमों को ठहराया जाएगा।
 
 
इंग्लैंड क्रिकेट के सूत्रों को अनुसार इस होटल को 1 से 26 जून तक आम जनता के लिए बंद कर दिया जाएगा। इसकी जानकारी इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी को भी दे दी है ताकि बायो सेक्योर बबल को लेकर कोई दुविधा न रहे।
 
इसके अलावा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल होने के कारण एक रिजर्व डे भी रखा गया है। जून के अंत में इंग्लैंड में बारिश की संभावना बनी रहती है इस कारण अगर एक दिन खराब होता है तो नतीजे के लिए एक और दिन दोनों टीमों को खेलने के लिए दिया जाएगा।

Share this Story:
  • facebook
  • twitter
  • whatsapp

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

webdunia
मुंबई टीम से जुड़े पूर्व भारतीय विकेटकीपर किरन मोरे को हुआ कोरोना