भारत को टी-20 विश्वकप फाइनल 2024 जितवाने में अहम भूमिका निभाने वाले जसप्रीत बुमराह लगभग एक साल बाद क्रिकेट का सबसे छोटा प्रारुप खेलते हुए दिखने वाले हैं। टी-20 विश्वकप 2024 में जसप्रीत बुमराह अपनी किफायती गेंदबाजी के कारण मैन ऑफ द टूर्नामेंट थे। हालांकि उन्होंने इसके बाद इस प्रारुप से संन्यास तो नहीं लिया था लेकिन गौतम गंभीर का मानना था कि अब बुमराह की जरुरत टेस्ट और वनडे में ज्यादा है। लेकिन इस बार एशिया कप के दल में जसप्रीत बुमराह को शामिल कर लिया गया है।शायद इस कारण क्योंकि अगले साल टी-20 विश्वकप भारत में ही होना है और वह टीम की योजनाओं का हिस्सा है।
टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के लिये भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को प्लेयर आफ द टूर्नामेंट चुना गया।बुमराह ने आठ मैचों में 15 विकेट लिये लेकिन उनका योगदान इन आंकड़ों से कहीं अधिक था जिसकी बदौलत भारत ने 17 साल बाद टी20 विश्व कप जीता।बुमराह ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फाइनल में रीजा हेंडरिक्स और मार्को जेनसन के विकेट लिये।बुमराह ने टी20 विश्व कप में 8.26 की औसत से विकेट चटकाये जबकि महज 4.17 रन प्रति ओवर के हिसाब से रन दिये।
एशिया कप के तुरंत बाद अक्टूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टेस्ट श्रृंखला के होने के कारण बुमराह की उपलब्धता को लेकर कुछ संशय बना हुआ था।चयनकर्ताओं ने हालांकि बुमराह को चुनने का फैसला किया। वह पिछले साल हुए टी20 विश्व कप के बाद टीम में वापसी कर रहे हैं।
बुमराह ने कार्यभार प्रबंधन (चोट और थकान से बचने के लिए) तहत इंग्लैंड दौरे पर पांच में से तीन टेस्ट मैच ही खेला था। अगरकर ने कहा कि उन्होंने बुमराह के कार्यभार प्रबंधन को लेकर कोई विशेष नियम नहीं बनाया है।
उन्होंने कहा, फिलहाल कोई लिखित योजना नहीं है। इंग्लैंड श्रृंखला के बाद हमें अच्छा विश्राम मिला है। हम उनका ख्याल रखने की कोशिश कर रहे हैं।