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कुलदीप बोले, मैं वार्नर को आउट कर सकता हूं...

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बुधवार, 20 सितम्बर 2017 (21:25 IST)
कोलकाता। भारत के युवा चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव का मानना है कि वे डेविड वार्नर को किसी भी समय आउट कर सकते हैं, क्योंकि लगता है कि ऑस्ट्रेलियाई उप कप्तान उनका सामना करते हुए दबाव में रहते हैं।
 
बाइस वर्षीय कुलदीप ने वार्नर को इस साल के शुरू में धर्मशाला में अपने पदार्पण टेस्ट मैच के दौरान आउट किया था और कुछ दिन पहले चेन्नई में खेले गए पहले वनडे में भी वे इस ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज को पैवेलियन भेजने में सफल रहे थे।
 
कुलदीप ने कल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले दूसरे वनडे की पूर्व संध्या पर कहा, मुझे लगता है कि मेरा सामना करते हुए वे (वार्नर) काफी दबाव में रहते हैं और इससे मुझे ऐसा महसूस होता है कि मैं उन्‍हें किसी भी समय आउट कर सकता हूं। उत्तर प्रदेश के इस स्पिनर ने दावा किया कि वे वार्नर को गेंदबाजी करते समय कभी दबाव महसूस नहीं करते हैं।
 
उन्होंने कहा, यह अच्छा है कि मुझ पर किसी तरह का दबाव नहीं है और मैं उन्‍हें गेंदबाजी करने का पूरा लुत्फ उठाता हूं। मुझे हमेशा यह महसूस होता है कि मैं उन्‍हें आउट कर सकता हूं और फिर उसी अनुसार अपनी रणनीति तय करता हूं। मैं आगे भी उन्‍हें आउट करने की कोशिश करूंगा। कुलदीप ने आगे कहा कि वार्नर पर वे हावी होकर उन्हें जल्द आउट करने की कोशिश करते हैं। 
 
उन्होंने कहा, किसी खिलाड़ी पर अगर आप हावी हो तो उन्‍हें जल्दी आउट करने की कोशिश करते हो।  हालांकि इस चाइनामैन गेंदबाज ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों में विरोधी टीम के कप्तान स्टीव स्मिथ को गेंदबाजी करना सबसे मुश्किल होता है।
 
उन्होंने कहा, मैंने टेस्ट मैचों में देखा कि वे आपका अच्छी तरह से आकलन करते हैं। उन्‍हें पता होता है कि कैसे एक रन लेना है। वे लेग स्टंप पर खेलना पसंद करते हैं और आसानी से शाट मारते हैं। दूसरे छोर से लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल गेंदबाजी कर रहे होते हैं तो ये दोनों युवा अपनी विविधता से बल्लेबाजों को परेशान करते हैं।
 
हरियाणा के लेग स्पिनर के साथ गेंदबाजी करने के अनुभव के बारे में कुलदीप ने कहा, परंपरागत स्पिनरों के पास एक या दो वैरीएशन होता है लेकिन कलाई के स्पिनर बल्लेबाज को फांसने की कला में माहिर होते हैं। हम दोनों ही आक्रामक गेंदबाजों की तरह हैं और ऐसे में विकेट लेने के मौके बढ़ जाते हैं।  
 
उन्होंने कहा, यह दुर्लभ अवसर है, क्योंकि जूनियर क्रिकेट में भी मैंने कभी कलाई के किसी दूसरे स्पिनर के साथ गेंदबाजी नहीं की। अमूमन मेरे साथ बाएं हाथ का स्पिनर होता था। रणजी ट्रॉफी में मैं उत्तर प्रदेश की टीम में हूं और वहां सीनियर लेग स्पिनर पीयूष चावला हैं। वे सीनियर गेंदबाज हैं इसलिए मुझे बहुत कम मौके मिलते थे (भाषा)

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