Publish Date: Fri, 04 Oct 2019 (16:11 IST)
Updated Date: Fri, 04 Oct 2019 (16:35 IST)
विशाखापत्तनम। दक्षिण अफ्रीका के महान खिलाड़ी शॉन पोलाक इस बात से थोड़ा चिंतित हैं कि उनके देश में खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के बजाय काउंटी क्रिकेट को चुन रहे हैं लेकिन कहा कि यह एक समस्या है और इसे ठीक नहीं किया जा सकता क्योंकि खेल अब व्यवसाय बन गया है।
साल के शुरू में 27 साल के तेज गेंदबाज डुआने ओलिवर ने दक्षिण अफ्रीका के लिए महज 10 टेस्ट खेलने के बाद कोलपाक करार किया। एक अन्य तेज गेंदबाज कायले एबोट ने भी 2017 में ऐसा ही किया था। मोर्नी मोर्कल ने भी काउंटी क्रिकेट में खेलने के लिए कोलपाक अनुबंध किया लेकिन ऐसा उन्होंने पिछले साल 33 साल की उम्र में संन्यास की घोषणा करने के बाद किया।
कोलपाक करार में खिलाड़ी यूरोपीय संघ देशों में खेल सकते हैं और उन्हें विदेशी खिलाड़ी नहीं माना जाता। वे विदेशी खिलाड़ी समझे जाने के बिना ही इंग्लिश काउंटी के साथ करार कर सकते हैं। पोलाक ने कहा, आप चयन के लिए कई खिलाड़ियों में से चुनना पसंद करते हो लेकिन आप इसे (इस समस्या को) सही नहीं कर सकते। आधुनिक युग में ऐसा ही है। बीते दिनों में खेल से इतना वित्तीय लाभ नहीं होता था। लोग खेलों में अपने देश के लिए उपलब्ध रहते थे। लेकिन अब यह व्यवसाय बन गया है।
वर्ष 2004 के बाद से दक्षिण अफ्रीका में काफी खिलाड़ियों की संख्या कोलपाक से जुड़ गई है लेकिन हाल के दिनों में उन्हें तेज गेंदबाज एबोट और ओलिवर के जाने से काफी परेशानी हुई। पोलाक ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 108 टेस्ट और 303 वनडे खेले हैं।
उन्होंने कहा, उन्हें व्यावसायिक फैसले करने होते हैं कि कहां से उन्हें ज्यादा राशि मिलेगी, कहां से उन्हें मौके मिलेंगे और आप इसके खिलाफ नहीं हो सकते। अगर वे महसूस करते हैं कि वे कुछ समय के लिए दक्षिण अफ्रीका के लिए नहीं खेलेंगे और वे कहीं और जाना चाहते हैं तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान पोलाक ने कहा, यह आदर्श नहीं है क्योंकि मजबूती टीम की गहराई से आती है और अगर आपकी टीम में गहराई नहीं है तो यह और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
webdunia
Publish Date: Fri, 04 Oct 2019 (16:11 IST)
Updated Date: Fri, 04 Oct 2019 (16:35 IST)