Publish Date: Fri, 21 May 2021 (18:32 IST)
Updated Date: Fri, 21 May 2021 (19:06 IST)
ढाका: बांग्लादेश क्रिकेट टीम के कप्तान तमीम इकबाल ने श्रीलंका के खिलाफ आगामी रविवार से शुरू हो रही घरेलू वनडे सीरीज से पहले अपनी टीम को आत्ममुग्धता के प्रति आगाह किया है। न्यूजीलैंड दौरे से चूकने के बाद शाकिब अल हसन की इस सीरीज में वापसी से टीम को मजबूत मिली है।
तमीम ने शुक्रवार को मीडिया को दिए बयान में कहा, “ स्वाभाविक अनुभव बहुत मायने रखता है, लेकिन आखिरकार आपको प्रदर्शन करना होगा, क्योंकि आपको खेल को उस बिंदु तक ले जाना होगा, जब खेल में अनुभव काम आएगा। हम पहले भी विभिन्न स्तरों पर श्रीलंका के खिलाफ खेल चुके हैं और हम जानते हैं कि यह आसान नहीं होगा। हमें उन्हें हराने के लिए शत प्रतिशत से भी अधिक देना होगा। ”
बांग्लादेश ने जहां इस सीरीज के लिए मजबूत टीम को चुना है तो वहीं श्रीलंका ने एंजेलो मैथ्यूज, दिमुथ करुणारत्ने और लाहिरू तिरिमाने जैसे भरोसेमंद और अनुभवी खिलाड़ियों को छोड़ कर अनुभवहीन युवाओं को चुना है। इतना ही नहीं विकेटकीपर बल्लेबाज कुशल परेरा को टीम के नेतृत्व की भूमिका थमा दी गई है। 2023 क्रिकेट विश्व कप सुपर लीग का हिस्सा यह श्रृंखला दोनों टीमों, खासकर श्रीलंका के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जो वेस्ट इंडीज के खिलाफ अपनी अब तक की एकमात्र वनडे सीरीज में 3-0 से हार के बाद -2 के स्कोर के साथ 12वें स्थान पर है और निश्चित रूप से स्वचालित योग्यता क्षेत्र से बाहर है।
बांग्लादेश के कप्तान ने यह भी पुष्टि की कि शाकिब तीन नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे। उन्होंने कहा कि शाकिब ने 2019 के दौरान तीन नंबर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था, हालांकि तमीम ने यह स्पष्ट किया है कि स्टार ऑलराउंडर से इस सीरीज में भी उसी लय में खेलने की उम्मीद करना उतावलापन होगा।
उन्होंने कहा, “ मुझे उनकी क्षमता पर पूरा भरोसा है, लेकिन साथ ही सभी को यह समझने की जरूरत है कि उन्होंने विश्व कप में जो किया वह असाधारण था (आठ मैचों में 600 रन बनाए)। अगर शाकिब उसी लय में खेलेंगे तो मुझे सबसे ज्यादा खुशी होगी, लेकिन यह हमेशा संभव नहीं होता और हमें इसे स्वीकार करना चाहिए। प्रदर्शन पर विचार करने का हमारा मानदंड मीडिया के तरीके से बहुत अलग है। हमें नहीं लगता कि कोई खिलाड़ी पहले से ही विश्व स्तरीय है अगर वह 3-4 मैचों में अच्छा करता है और न ही हमें यह लगता है कि किसी खिलाड़ी को सिर्फ एक या दो मैचों में असफलता के बाद बाहर बैठा दिया जाए। ”(वार्ता)