rashifal-2026

30 नवंबर को साल 2020 का अंतिम चंद्रग्रहण, जानिए कब से कब तक रहेगा

Webdunia
30 नवंबर को साल 2020 का अंतिम 'चंद्र ग्रहण' है, यह एक 'उपच्छाया चंद्र ग्रहण' है, जो कि भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, प्रशांत महासागर क्षेत्र और एशिया के हिस्सों दिखाई देगा।
 
ये 'उपच्छाया चंद्र ग्रहण' है इसलिए इस बार सूतक नहीं लगेगा, आम तौर पर ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक लग जाता है। सूतक काल में पूजा-पाठ, खाना-पीना और शुभ काम वर्जित होते हैं, इस ग्रहण को आप खुली आंखों से देख सकते हैं।
 
साल 2020 का अंतिम चंद्र ग्रहण
30 नवंबर 
क्या है चंद्र ग्रहण का समय
 
ग्रहण शुरू- 30 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 04 मिनट पर
चंद्र ग्रहण चरम पर- दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर
चंद्र ग्रहण खत्म- शाम 5 बजकर 22 मिनट पर।
कुल मिलाकर ग्रहण की अवधि-04 घंटे 21 मिनट की होगी
इस बार ग्रहण वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में लगेगा जिसके कारण वृष राशिवालों को थोड़ा ख्याल रखने की जरूरत है, हालांकि इस ग्रहण का असर सभी राशियों पर पड़ेगा इसलिए सभी को सजग रहने की जरूरत है।
 
क्या है 'उपच्छाया चंद्र ग्रहण'
 
जब चंद्रमा और सूर्य के बीच में पृथ्वी आती है तो उसे 'चंद्र ग्रहण' कहते हैं, इस दौरान पृथ्वी की छाया से चंद्रमा पूरी तरह या आंशिक रूप से ढक जाता है और एक सीधी रेखा बन जाती है, इस स्थिति में पृथ्वी सूर्य की रोशनी को चंद्रमा तक नहीं पहुंचने देती है लेकिन 'उपछाया चंद्र ग्रहण' या 'पेनुमब्रल' के दौरान चंद्रमा का बिंब धुंधला हो जाता है और वो पूरी तरह से काला नहीं होता है इस वजह से चांद थोड़ा 'मलिन रूप' में दिखाई देता है। चंद्र ग्रहण हमेशा 'पूर्णिमा' को लगता है, इस बार भी तारीख 30 नवंबर को 'कार्तिक पूर्णिमा' है।
 
क्या करें और क्या नहीं
 
वैसे तो ग्रहण के एक खगोलीय घटना है लेकिन शास्त्रों में ग्रहण को शुभ नहीं मानते हैं और इस वजह से ग्रहण के दौरान कुछ बातों का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। 
 
ग्रहण काल में इंसान को भोजन नहीं करना चाहिए।
 
गर्भवती स्त्रियों को घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। 
 
सहवास नहीं करना चाहिए और ना ही झूठ बोलना चाहिए और ना ही सोना चाहिए।
 
पूजा स्थल को भी स्पर्श नहीं करना चाहिए और ना ही मांस-मदिरा का सेवन करना चाहिए। 
 
प्याज-लहसुन भी नहीं खाना चाहिए, झगड़ा-लड़ाई से बचना चाहिए। 
 
ग्रहण-काल में तुलसी के पौधे को नहीं छूना चाहिए बल्कि दूर से तुलसी के पास एक तेल का दीपक जलाकर रखना चाहिए और भजन करना चाहिए और प्रभु का ध्यान करना चाहिए।
ALSO READ: 30 नवंबर को है वर्ष का अंतिम चंद्रग्रहण, जानें इससे जुड़ी खास बातें

सम्बंधित जानकारी

Lakshmi Narayan Yoga: कुंभ राशि में बना लक्ष्मी नारायण योग, इन 5 राशियों को अचानक मिलेगा धन लाभ

कुंभ राशि में 18 साल बाद राहु का दुर्लभ संयोग, 10 भविष्यवाणियां जो बदल देंगी जीवन

मकर राशि में मंगलादित्य राजयोग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

कुंभ राशि में त्रिग्रही योग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

शुक्र का राहु के शतभिषा नक्षत्र में गोचर, 5 राशियों को रहना होगा सतर्क

Hindu New Year 2026: गुरु राजा और मंगल मंत्री के राज में 19 मार्च के बाद 5 राशियां बनेंगी अपराजेय

क्या वाहन नंबर का दुर्घटना से कोई संबंध है? यदि आपका संबंध इन नंबरों से है तो रहें सतर्क

Success in Exams: एक्जाम में पाना है अच्छी सक्सेस, तो करें ये 5 खास उपाय

Angarak Yog 2026: कुंभ राशि में मंगल से बना अंगारक योग, 4 राशियों के लिए शुरू होगा राजयोग का सुनहरा दौर

Amalaki Ekadashi 2026: आमलकी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा, क्या है इसका महत्व?

अगला लेख