भोपाल। मध्ययप्रदेश में मोहन सरकार के दो साल पूरे होने के साथ अ्ब एक बार निगम मंडलों में नियुक्ति को लेकर सियायसी अटकलों का दौर तेज हो गया है। रविवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की केद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद एक बार फिर निगम मंडलों की नियुक्ति को लेकर सियासी चर्चाओं का दौर शुरु हो गया। भाजपा संगठन और सरकार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक निगम मंडलो में नियुक्ति को लेकर केंद्र ने हरी झंडी दे दी है और अब जल्द् ही निगम मंडलों के नामों का एलान हो सकता है।
अमित शाह से क्यों मिले CM?-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली स्थिति उनके निवास पर मुलाकात कर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर ग्वालियर में आयोजित कल्याणकारी कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोह यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी मध्यप्रदेश का गौरव थे, उनके द्वारा किए गए कार्यों और अद्वितीय योगदान को कोई भूला नहीं सकता। वे सदा अमर रहेंगे। अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर ग्वालियर में उनकी याद में राज्य सरकार द्वारा कई कल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
निगम मंडल में सीनियर के साथ युवाओं को मिलेगी जगह?- निगम मंडलों में पार्टी के सीनियर नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी एडजस्ट किया जाएगा। अगर निगम मंडलों में संभावित दिग्गज नामों को देखा जाए तो कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री रामनिवास रावत, इमरती देवी और पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया के साथ महेंद यादव का नाम भी शामिल है।इसके साथ युवा चेहरों में राकेश गिरी और शिशुपाल यादव जैसे चेहरों को निगम मंडल में जगह मिल सकती है।
कांग्रेस से भाजपा में आने वाले रामनिवास रावत श्योपुर विधानसभा चुनाव हार चुके है, ऐसे में पूरी संभावना है कि उनको निगम मंडल में जगह दी जाएगी और अच्छा निगम दिया जाएगा। वहीं सिंधिया खेमे से आने वाली पूर्व मंत्री इमरती देवी डबरा से विधानसभा चुनाव हार चुकी है और वह पहले भी निगम मंडल में रह चुकी है। इसके अलावा पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया भी 2023 का चुनाव अटेर विधानसभा चुनाव से हार चुके है तो उनको निगम मंडल में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही भोपाल से आने वाले पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता और महाकौशल से आने वाले अंचल सोनकर का नाम निगम मंडल के दावेदारों में प्रमुख है।