भोपाल में डरा रहा डेंगू और वायरल फीवर, अब तक डेंगू के 142 केस,बच्चों पर वायरल फीवर का अटैक
घरों में डेंगू के मच्छर का लार्वा मिलने पर लगेगा जुर्माना
Publish Date: Wed, 08 Sep 2021 (13:24 IST)
Updated Date: Wed, 08 Sep 2021 (13:30 IST)
भोपाल। कोरोना की तीसरी लहर की बढ़ती आंशका के बीच राजधानी भोपाल में डेंगू, मलेरिया के साथ बच्चों में वायरल फीवर के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे है। राजधानी भोपाल में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे है। पिछले 24 घंटे में सिर्फ डेंगू के 16 नए केस रिपोर्ट हुए है। डेंगू के साथ अब राजधानी में चिकनगुनिया और मलेरिया के भी 50 के करीब केस मिल चुके है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अखिलेश दुबे कहते हैं राजधानी में अब तक डेंगू के 142 केस रिपोर्ट हुए है। डेंगू के सबसे अधिक मामले राजधानी साकेत नगर, सोनागिरी, कोलार और अयोध्या बॉयपास में रिपोर्ट हो रहे है। इन इलाको में मलेरिया विभाग की टीम डेंगू के लार्वा को ढूंढकर नष्ट करने के अभियान में जुटी है।
लोगों की सहायता और शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर नंबर भी जारी किया गया है। घरों में लार्वा के चैकिंग और शिकायतों का निवारण के लिए 38 रिस्पॉन्स टीम का गठन किया गया है। आज से घरों में डेंगू का लार्वा मिलने पर जुर्माना लगाना भी शुरु किया जा रहा है। इसके साथ नगर निगम की ओर से भी रिस्पॉन्स टीम का गठन किया गया है।
वहीं सरकारी दफ्तरों में डेंगू की रोकथाम के लिए हर सरकारी दफ्तर से एक कर्मचारी को बुलाकर डेंगू के लार्वा की पहचान और नष्ट करने के बारे में बताया गया। अब इन दफ्तरों में प्रशिक्षित कर्मचारियों की जिम्मेदारी होगी कि वह कार्यालय में लार्वा पनपने से रोकें।
डेंगू की रोकथाम के लिए लोगों से अपील- वेबदुनिया के जरिए जिला मलेरिया अधिकारी अखिलेश दुबे लोगों से घरों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के साथ घर और उसके आसपास पानी नहीं इक्ट्ठा होने की अपील करते है। वह कहते हैं कि अगर घरों में मनीप्लॉट के पेड़ या अन्य कोई भी वॉटर बॉडी हो तो उसमें सात दिन में लगातार पानी बदलते रहे क्योंकि डेंगू का लार्वा सात दिन में डेवलप होता है। इसके साथ घरों में पानी की टंकी को बंद करके रखे जिससे डेंगू के लार्वा और मच्छर नहीं पैदा हो। डेंगू का मच्छर दिन में काटता है इसलिए ऐसे कपड़े पहने जिससे पैर पूरी तरह ढके रहें।
बच्चों पर वायरल अटैक- डेंगू के साथ बच्चों पर वायरल संक्रमण का असर कितना तेज है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दो हफ्ते में बच्चों की अस्पताल पहुंचने की संख्या दोगुनी हो गई है। प्राइवेट और निजी अस्पतालों में वायरल पीड़ित बच्चों की संख्या में अचानक से बड़ा इजाफा हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग क अधिकारियों के मुताबिक वायरल फीवर से पीड़ित बच्चों को 102 से 103 तक बुखार आ रहा है। ऐसे बच्चों में हाईग्रेड फीवर के साथ प्लेटलेट काउंट्स में भी गिरावट देखने को मिल रही है। राहत की बात यह है कि बच्चों में डेंगू और कोरोना टेस्ट निगेटिव आ रहा है। वहीं वायरल से पीड़ित बच्चों में बुखार, उल्टी, दस्त के साथ ही सांस लेने में भी तकलीफ की समस्या आ रही है।
विकास सिंह
Publish Date: Wed, 08 Sep 2021 (13:24 IST)
Updated Date: Wed, 08 Sep 2021 (13:30 IST)