ताबड़तोड़ फैसलों से मप्र के नए 'नायक' बने कमलनाथ

भोपाल। मध्यप्रदेश के सियासी परिदृश्य पर एक नए नायक का उदय हुआ है। वो नायक कोई और नहीं सूबे में 15 साल पुराने कांग्रेस के वनवास को खत्म कर नई सरकार का नेतृत्व करने वाले मुख्यमंत्री कमलनाथ हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सूबे की कमान अपने हाथों में लेते ही जिस तरह तबाड़तोड़ फैसले लिए हैं, उससे फिल्म नायक के दृश्य बरबस ही याद आ जाते हैं।


ऐतिहासिक जंबूरी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के दो घंटे के अंदर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ताबड़तोड़ चार बड़े फैसले लेकर सूबे की जनता को दिए अपने वचन को पूरा कर दिया है। शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ सीधे वल्लभ भवन पहुंचे। इसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पहले आदेश में सूबे के किसानों को बड़ी सौगात देते हुए दो लाख तक के कर्ज माफी के आदेश की फाइल पर दस्तखत किए। सरकार के इस फैसले का मध्यप्रदेश के 34 लाख किसानों को फायदा होगा।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने टेक्सटाइल्स इंडस्ट्री में रोजगार सृजन की अधिक संभावनाओं को देखते हुए राज्य के चार संभागों में टेक्सटाइल/ गारमेंट पार्क की स्थापना करने के आदेश जारी किए। इसके साथ ही सूबे के युवाओं को अधिक रोजगार मिले, इसके लिए बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने निर्णय लिया है कि अब सरकार से वित्तीय और अन्य सुविधाएं लेने वाली औद्योगिक इकाइयों को सत्तर फीसदी रोजगार मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासियों को देना अनिवार्य होगा। वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बेटियों को बड़ी सौगात देते हुए कन्या विवाह-निकाह योजना की राशि 28 हजार से बढ़ाकर 51 हजार का फैसला किया है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सौगात देते हुए उनके वेतन में दो हजार रुपए का इजाफा कर दिया। इसके बाद बारी पुलिसकर्मियों की थी। बुधवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पुलिस मुख्यालय में बैठक के दौरान डीजीपी को निर्देश दिए कि सूबे के पुलिसकर्मियों को नए साल से वीकली ऑफ दिए जाएं। मुख्‍यमंत्री के इस निर्देश से सूबे के करीब एक लाख पुलिसकर्मियों में खुशी का माहौल है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ताबड़तोड़ फैसले लेकर ये संदेश दे दिया है कि उनके काम करने का स्टाइल अलग है।

नौकरशाही को नसीहत : मुख्यमंत्री कमलनाथ जहां एक ओर लोगों को ताबड़तोड़ सौगात दे रहे थे तो दूसरी ओर प्रशासनिक कसावट लाने के लिए मुख्यमंत्री ने अफसरों के साथ मैराथन बैठक कर उनको अपने कामकाज का स्टाइल बदलने के निर्देश दिए। शपथ लेने के अगले दिन मुख्यमंत्री कमलनाथ का एक नया अंदाज देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में एक-एक कर सभी विभागों के प्रमुख सचिवों के साथ बैठक कर उनके कामकाज की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने प्रशासन में कसावट लाने के लिए अफसरों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने गृह विभाग के आला अफसरों के साथ बैठक कर ड्रग्स सहित गलत तरीकों से चल रहे धंधों पर नकेल कसने के जरूरी दिशा-निर्देश दिए। बुधवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पुलिस मुख्यालय में डीजीपी सहित वरिष्ठ पुलिस अफसरों के साथ बैठक कर पुलिस को अपनी छवि बदलने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक ही जगह लंबे समय से जमे पुलिस अफसरों के ट्रांसफर के निर्देश दिए।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने अपनी नई टीम बनाते हुए सूबे के छह सीनियर आईएएस अफसरों के कामकाज में बदलाव किया। मुख्यमंत्री ने जहां मुख्यमंत्री दफ्तर के कुछ पुराने अफसरों पर विश्वास दिखाया, वहीं कुछ अफसरों के कामकाज में बदलाव कर उनको नई जिम्मेदारी दी। कमलनाथ की इस नई सरकार ने निगम मंडल और बोर्ड के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष में हुई नियुक्ति को तत्काल निरस्त करने का आदेश जारी कर ये संदेश देना चाहा है कि अब नई सरकार नई नए अंदाज में काम करके लोगों की आशाओं को पूरा करेगी।

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