Publish Date: Wed, 05 Feb 2020 (19:39 IST)
Updated Date: Wed, 05 Feb 2020 (19:55 IST)
राष्ट्रकवि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की जन्मस्थली बाबई में आज पुस्तकालय सह वाचनालय प्रारंभ हुआ। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय द्वारा इसकी स्थापना की गई है। विश्वविद्यालय के कुलपति दीपक तिवारी ने आज बाबई में इसका उद्घाटन किया। उन्होंने आज के संदर्भ में माखनलाल जी के विचारों और आदर्शों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के आदर्श वही थे, जो माखनलाल जी के आदर्श थे।
कार्यक्रम में कुलपति ने मानव सभ्यता के इतिहास में शांति और अहिंसा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युद्ध का परिणाम अंततः मौत ही है। इससे मानवता की हत्या होती है। उन्होंने वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा पर बल देते हुए कहा कि हमारे धर्म की इसी उद्दात भावना का प्रतीक महात्मा गांधी और माखनलाल दादा हैं। हमें दुनिया को अहिंसा और प्रेम के रास्ते पर ही मानवता को आगे ले जाना होगा, यही माखनलाल जी का संदेश है।
माखन नगर के तौर पर चर्चित बाबई में तवा कॉलोनी के सामने सिखाड़ रोड पर यह पुस्तकालय प्रारंभ किया गया है। इसका संचालन संकल्प सोशल कल्चर वेलफेयर सोसाइटी द्वारा किया जाएगा। पुस्तकालय की स्थापना हेतु फर्नीचर और पुस्तकें विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई है।
समारोह में विश्वविद्यालय के रेक्टर डॉ श्रीकांत सिंह, रजिस्ट्रार दीपेंद्र बघेल, परीक्षा नियंत्रक राजेश पाठक भी शामिल हुए। संकल्प संस्था के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने समारोह में हिस्सा लिया।
स्थानीय पत्रकार राहुल शर्मा ने इस पुस्तकालय की स्थापना में माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय की अग्रणी भूमिका की चर्चा करते हुए कुलपति दीपक तिवारी को इसके लिए आभार प्रकट किया।