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महाभारत की वे प्रमुख 5 महिलाएं जिनके साथ हुआ जबरन विवाह

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अनिरुद्ध जोशी

महाभारत में ऐसी कई घटनाएं घटी हैं जो व्यक्ति को भावुक कर देती हैं। जैसे बहुत ही कम उम्र में अभिमन्यु का छल से वध करना, द्रोणाचार्य और कर्ण का भी छल से वध कर देना। लेकिन यह तो युद्ध की घटनाएं हैं। युद्ध से अलग भी ऐसी कई कहानियां हैं जो हमें द्रवित कर देती हैं उन्ही में से एक है इन पांच महिलाओं का उनकी इच्छा के विरूद्ध विवाह होना। हालांकि सत्यवती और द्रौपदी के विवाह की परिस्थितियां भिन्न थीं। निम्नलिखित में से और भी कई महिलाएं हो सकती हैं।
 
 
1. काशीराज की 3 पुत्रियों का हरण : अम्बा, अम्बालिका और अम्बिका ये काशीराज की तीन पुत्रियां थीं। विचित्रवीर्य के युवा होने पर भीष्म ने बलपूर्वक काशीराज की 3 पुत्रियों का हरण कर लिया और वे उसका विवाह विचित्रवीर्य से करना चाहते थे, क्योंकि भीष्म चाहते थे कि किसी भी तरह अपने पिता शांतनु का कुल बढ़े। लेकिन बाद में बड़ी राजकुमारी अम्बा को छोड़ दिया गया, क्योंकि वह शाल्वराज को चाहती थी। अन्य दोनों (अम्बालिका और अम्बिका) का विवाह विचित्रवीर्य के साथ कर दिया गया। बाद में शाल्वराज ने अम्बा से विवाह करे से इनकार कर दिया तो अम्बा भीष्म के पास आई परंतु भीष्म ने भी ठुकरा दिया। फिर यह अंबा न्याय के लिए परशुराम के पास गई परंतु परशुराम कुछ नहीं कर सके क्योंकि भीष्म उनके शिष्य थे। तब अंबा ने भगवान शंकर का तप किया तो उन्होंने कहा कि भीष्मा के वध का कारण तुम बनोगी। फिर अंबा ने अपने प्राण त्याग दिए और वह शि‍खंडी के रूप में जन्मीं। 
 
2. गांधारी : कहते हैं कि गांधारी ने धृतराष्‍ट्र से मजबूरीवश विवाह किया था। इसका कारण भीष्म थे। धंधे महाराज धृतराष्ट्र के लिए भीष्म ने गांधार नरेश की राजकुमारी का बलपूर्वक विवाह धृतराष्ट्र से कराया था।
 
3. भानुमति : भानुमती काम्बोज के राजा चन्द्रवर्मा की पुत्री थी। भानुपति बहुत ही सुंदर, आकर्षक, बुद्धिमान और ताकतवर थी। उसकी सुंदरता और शक्ति के किस्से प्रसिद्ध थे। यही कारण था कि भानुमती के स्वयंवर में शिशुपाल, जरासंध, रुक्मी, वक्र, कर्ण आदि राजाओं के साथ दुर्योधन भी गया हुआ था।
 
कहते हैं कि जब भानुमती हाथ में माला लेकर अपनी दासियों और अंगरक्षकों के साथ दरबार में आई और एक-एक करके सभी राजाओं के पास से गुजरी, तो वह दुर्योधन के सामने से भी गुजरी। दुर्योधन चाहता था कि भानुमती माला उसे पहना दें लेकिन ऐसा हुआ नहीं। दुर्योधन के सामने से भानुमती आगे बढ़ गई। दुर्योधन ने क्रोधित होकर तुरंत ही भानुमती के हाथ से माला झपटकर खुद ही अपने गले में डाल ली। इस दृष्य को देखकर सभी राजाओं ने तलवारें निकाल लीं। ऐेसी स्थिति में दुर्योधन ने भानुमती का हाथ पकड़ा और वह उसे महल के बाहर ले जाते हुए सभी योद्धाओं से बोला, कर्ण को परास्त करके मेरे पास आना। अर्थात उसने सब योद्धाओं से कर्ण से युद्ध की चुनौती दी जिसमें कर्ण ने सभी को परास्त कर दिया। इस तरह दुर्योधन ने भानुमती के साथ जबरन विवाह कर लिया।

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