Publish Date: Thu, 14 May 2020 (13:01 IST)
Updated Date: Thu, 14 May 2020 (13:10 IST)
महाभारत युद्ध के दौरान कुरुक्षेत्र के विशालकाय मैदान में कौरव और पांडवों की सेना के शिविर कहां कहां लगे थे यह शोध का विषय हो सकता है। फिर भी विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी यहां प्रस्तुत है।
महाभारत युद्ध से पूर्व पांडवों ने अपनी सेना का पड़ाव कुरुक्षेत्र के पश्चिमी क्षेत्र में सरस्वती नदी के दक्षिणी तट पर बसे समंत्र पंचक तीर्थ के पास हिरण्यवती नदी (सरस्वती नदी की सहायक नदी) के तट पर डाला। कौरवों ने कुरुक्षेत्र के पूर्वी भाग में वहां से कुछ योजन की दूरी पर एक समतल मैदान में अपना पड़ाव डाला।
दोनों ओर के शिविरों में सैनिकों के भोजन और घायलों के इलाज की उत्तम व्यवस्था थी। हाथी, घोड़े और रथों की अलग व्यवस्था थी। हजारों शिविरों में से प्रत्येक शिविर में प्रचुर मात्रा में खाद्य सामग्री, अस्त्र-शस्त्र, यंत्र और कई वैद्य और शिल्पी वेतन देकर रखे गए।
दोनों सेनाओं के बीच में युद्ध के लिए 5 योजन (1 योजन= 8 किमी की परिधि, विष्णु पुराण के अनुसार 4 कोस या कोश= 1 योजन= 13 किमी से 16 किमी)= 40 किमी का घेरा छोड़ दिया गया था।
अनिरुद्ध जोशी
Publish Date: Thu, 14 May 2020 (13:01 IST)
Updated Date: Thu, 14 May 2020 (13:10 IST)