Mahavir jayanti 2024: जैन धर्म के अनुयायी ऐसे मानते हैं महावीर जयंती

WD Feature Desk
शनिवार, 20 अप्रैल 2024 (16:28 IST)
Mahavir jayanti 2024: महावीर स्वामी का जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन हुआ था। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 21 अप्रैल को महावीर जयंती मनाई जाएगी। उनके जन्मोत्सव को जन्म कल्याणक के रूप में मनाया जाता है। वैशाली गणतंत्र के कुंडलपुर में उनका जन्म हुआ था। कुंडलपुर बिहार के नालंदा जिले में स्थित है।  उनके पिता कुंडलपुर के राजा थे जिनका नाम सिद्धार्थ था। उनकी माता त्रिशला (प्रियकारिणी) लिच्छवि राजा चेटकी की पुत्र थीं।
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ऐसे मनाते हैं महावीर जयंती? | how do they celebrate Mahavir Jayanti
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जैन मंदिर में चावल ही क्यों चढ़ाए जाते हैं?
महावीर स्वामी के समक्ष किसी जीव को अर्पित नहीं करती हैं। चावल का छिलका जब उतर जाता है तो वह अक्षत होकर अजीव हो जाता है। इस चावल को बोने पर यह उगता नहीं है। जैन दर्शन के अनुसार ऐसे चावल अजीव की श्रेणी में आते हैं जिससे उनको हिंसा का दोष नहीं लगता है। इसी अहिंसक प्रणाली को ध्यान में रखते हुए अजीव चावल को जैन मन्दिर में चढाए जाने की परम्परा है। दूसरा यह भी कामना रहती है भगवान से कि हमें भी चावल की तरह बनाना ताकी हम भी दूसरा जन्म न ले सकें। चावल बोने पर अंकुरित नहीं होता है। इस तरह से ये अक्षत कहलाता है। इसी तरह हम भी अक्षय पद अर्थात मोक्ष प्राप्त करें।
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