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क्या आप हिमालय की यात्रा करना चाहते हैं, तो जानिए 10 खास बातें

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अनिरुद्ध जोशी

भारत के राज्य जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, सियाचित, हिमाचल, सिक्किम, असम, अरुणाचल तक हिमालय का विस्तार है। ये सभी राज्य हिमालय की गोद में ही हैं। इसके अलावा उत्तरी पाकिस्तान, उत्तरी अफगानिस्तान, तिब्बत, नेपाल और भूटान देश हिमालय के ही हिस्से हैं। मतलब हिन्दूकुश काराकोरम से अरुणाचय तक हिमालय का विस्तार है। हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं में सैकड़ों पहाड़ और सुरम्य घाटियां और भयानक जंगल हैं। आओ जानते हैं हिमालय की यात्रा के बारे में 10 खास बातें।
 
 
1. भारतीय हिमालय के 4 भाग : जम्मू-कश्मीर-लद्दाख हिमालय (सिन्धु नदी से सतलुज नदी के बीच का भाग), गढ़वाल-कुमाऊं हिमालय (सतलुज से काली नदी (सरयू) के बीच का भाग), नेपाल हिमालय (सरयू नदी से तीस्ता नदी के बीच का भाग), असम-अरुणाचल हिमालय (तीस्ता नदी से ब्रह्मपुत्र नदी के मोड़ तक का भाग) है।
 
2. हिमालय के शिखर : हिमालय के कुछ प्रमुख शिखरों में सबसे महत्वपूर्ण सागरमाथा हिमालय, एवरेस्‍ट (गौरीशंकर), कैलाश, अन्नपूर्णा, गणेय, लांगतंग, मानसलू, रोलवालिंग, जुगल, गौरीशंकर, केटू (K2), कुंभू, धौलागिरी, नंदादेवी और कंचनजंघा हैं।
 
3. हिमालय के तीर्थ : हिमालय में बद्रीनाथ, केदारनाथ, कैलाश मानसरोवर, यमुनोत्री, गंगोत्री, पंच कैलाश, पंचबद्री, पशुपतिनाथ, जनकपुर, देवात्म हिमालय, अमरनाथ, कौसरनाग, वैष्णोदेवी, गोमुख, देवप्रयाग, ऋषिकेश, हरिद्वार, नंदादेवी, चौखम्बा, संतोपथ, नीलकंठ, सुमेरु पर्वत, कुनाली, त्रिशूल, भारतखूण्टा, कामेत, द्रोणागिरी, पंचप्रयाग, पंचकेदार, तुंगनाथ, मध्महेश्वर, गोपेश्वर, हेमकुण्ड साहिब आदि सैंकड़ों तीर्थ स्थल है। इसी केदारखंड में अलकापुरी तपोवन, गोमुख, ब्रह्मपुरी, नंदनवन, गन्धमादन, वासुकीताल, वसुधारा आदि दर्शनीय देवस्थल हैं।
 
4.पर्यटन स्थल हिल स्टेशन : श्रीनगर, लद्दाख, उत्तरकाशी, ऊखीमठ, त्रिजुगीनाराण, जोशीमठ, टिहरी, पौड़ी, फूलों की घाटी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, रानीखेत, नैनीताल, मनुस्यारी, वागेस्यारी, वागेश्वर, शिमला, मनाली, जागेश्वर, धारचूला, पिथौरागढ़, लोहाघाट, चम्पावत, देहरादून, मसूरी, ऋषिकेश, हरिद्वार आदि स्थान हैं। 
 
5. हिमालय की नदियां : हिमालय ने निकलने वाली हजारों नदियों में से कुछ गंगा, सरस्वती, यमुना, सिंधु, ब्रह्मपुत्र और यांगतेज पर बांध बनाए जाने के बाद हिमालय की प्रकृति बिगड़ चुकी है। ये ऐसी नदियां हैं जिनके दम पर हजारों दूसरी नदियां जीवित हैं।
 
6. सिद्धाश्रम, मठ और गुफाओं का रहस्य : हिमालय में जैन, बौद्ध और हिन्दू संतों के कई प्राचीन मठ और गुफाएं हैं। ज्ञानगंज मठ, जोशीमठ, हेमिस मठ, लामायूरू मठ, शांति स्तूप, एंचेय मठ, दुब्दी मठ, मंदिर, पेमायंगत्से, आदि। केदारनाथ, बद्रीनाथ, अमरनाथ आदि जगहों पर हजारों ऐसी चमत्कारिक गुफाएं हैं, जहां आम मनुष्य नहीं जा पाता है। बद्रीकाश्रम में सरस्वती के तट पर व्यास एवं जैमिन का आश्रम था। यहीं पर महर्षि वेदव्यास ने 18 पुराणों की रचना की। कश्यप एवं अरुंधती का हिमदाश्रय, जगदग्नि का उत्तरकाशी के पास, गर्ग का द्रोणगिरि में, मनु का बद्रीनाथ के पास, अगत्स्य एवं गौतम का मंदाकिनी के तट पर, केदारनाथ मार्ग पर अगस्त्य मुनि का, पाराशर मुनि का यमुनोत्री के पास, परशुराम का उत्तरकाशी, भृगु का केदारकांठ, अत्री एवं अनुसूईया का गोपेश्वर पर विद्यापीठ था। इसी तरह जम्मू और कश्मीर के अनंतनाग, पहलगाम, अमरनाथ, शिवखेड़ी गुफा, सुरिंसर और मानसर झील, श्रीनगर, कौसरनाग आदि ऐसे स्थान हैं, जहां मठ और आश्रम होते थे।
 
7. भारत में हिमालयीन राज्यों की यात्रा करना जीवन का सबसे बड़ा रोमांच सिद्ध हो सकता है। यदि आप रहस्य, रोमांच और खतरों का अहसास करना चाहते हैं तो लद्दाख, सिक्किम या अरुणाचल की यात्रा पर एक बार चलें जाएं। यकीन मानिए आप जिंदगीभर नहीं भूलेंगे कि कहां गए थे। भारत के ये पूर्वोत्तर राज्य अपने आप में प्राकृतिक खूबसूरती को समेटे हुए हैं। यहां के ऊंचे-ऊंचे पहाड़ देखने लायक हैं। पहाड़ों की सुंदरता को देखना है तो पूर्वोत्तर राज्यों का दौरा जरूर करना चाहिए। अरुणाचल की ऊंची-ऊंची चोटियों से नीचे गिरते झरने दुनिया के सबसे खूबसूरत झरने हैं। विशेषकर गोरिचन और कांगटो की चोटियों को देखना गजब का अनुभव और अहसास देता है। बल खाती सर्पीली पहाड़ी नदी कामेंग में एडवेंचर टूरिज्म के शौकीनों के लिए एक आदर्श स्थान साबित हो सकता है। सिन्धु नदी लद्दाख से निकलकर ही पाकिस्तान के कराची तक बहती है। प्राचीनकाल में लद्दाख कई अहम व्यापारिक रास्तों का प्रमुख केंद्र था। लद्दाख एक ऊंचा पठार है जिसका अधिकतर हिस्सा 3,500 मीटर (9,800 फीट) से ऊंचा है। यह हिमालय और काराकोरम पर्वत श्रृंखला और सिन्धु नदी की ऊपरी घाटी में फैला है। करीब अनुमानित रूप से 33,554 वर्गमील में फैले लद्दाख में बसने लायक जगह बेहद कम है। यहां हर ओर ऊंचे-ऊंचे विशालकाय पथरीले पहाड़ और मैदान हैं। यहां के सभी धर्मों के लोगों की जनसंख्या मिलाकर अनुमानित 2,36,539 है।
 
8. हिमालय में घूमना है तो खासकर उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू, कश्मीर और लद्दाख पहले घूम लें फिर कैलाश मानसरोवर घूमने जाएं त्रफर अरुणाचल प्रदेश की यात्रा करते वक्त बीच के हिमालय क्षेत्रों को देखते हुए जाएं। वैसे यात्रा की शुरुआत हिन्दुकुश से करते हैं परंतु उधर अफगान और पाकिस्तान के क्षेत्र हैं। 
 
9. उपरोक्त राज्यों में ही अधिकतर तीर्थ, पर्यटन स्थल, हिल स्टेशन और रोमांच के सभी क्षेत्र हैं। इन राज्यों में श्रीनगर, शिमला, मनाली, चार धाम, अमरनाथ, शक्तिपीठ और कई तरह के अन्य स्थलों को भी देख सकते हैं। 
 
10. हिमाललय के जंगलों में उत्तराखंड के राजाजी नेशलन पार्क, पौड़ी जिले में काफी जंगल है, नंदादेवी राष्ट्रीय अभयारण्य (उत्तराखंड), फूलों की घाटी (उत्तराखंड), डाचिगम राष्ट्रीय उद्यान (जम्मू-कश्मीर), किश्तवाड़ राष्ट्रीय उद्यान (जम्मू-कश्मीर), खुई वन्य जीवन अभयारण्य (अरुणाचल), कीबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान (मणिपुर), नोंगखाइलेम अभयारण्य (मेघालय), ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान (हिमाचल) आदि अनेक जंगल हैं।

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