Publish Date: Sun, 09 Sep 2018 (16:03 IST)
Updated Date: Sun, 09 Sep 2018 (16:06 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में सबकुछ सही नहीं चल रहा है। पार्टी में पहले से आए दिन गुटबाजी की खबरें सामने आती रही हैं, वहीं पार्टी उम्मीदवारों को लेकर भी अब पेसोपेश में पड़ती नजर आ रही है। टिकट को लेकर अब ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के दो विरोधाभासी बयान सामने आए हैं।
ताजा विवाद उस समय खड़ा हो गया, जब पार्टी की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पवई में अपनी सभा के दौरान वर्तमान विधायक मुकेश नायक को उम्मीदवार घोषित करते हुए 50 हजार मतों से जिताने की अपील कर दी। बताया जा रहा है सिंधिया के इस तरह मुकेश नायक को उम्मीदवार घोषित करने पर स्थानीय स्तर पर नेताओं ने विरोध जताया।
इसके बाद डिंडौरी में सभा करने पहुंचे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विधायक ओंकार सिंह मरकाम को मंच से ही पार्टी का उम्मीदवार घोषित कर दिया। लगातार सिंधिया के दो उम्मीदवार घोषित करने से पार्टी में हलचल शुरू हो गई।
सिंधिया के इस तरह उम्मीदवारों की घोषणा करने पर जब भोपाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि पार्टी में टिकटों का फैसला केंद्रीय चुनाव समिति करती है। इसके साथ ही कमलनाथ ने कहा कि पार्टी घोषित उम्मीदवारों की सूची घोषित करती है।
कमलनाथ के इस बयान के बाद तो एक बात साफ हो गई कि पार्टी के बड़े नेता भले ही एकजुटता के तमाम दावे कर लें, लेकिन उनके दावे जमीन पर सही होते नहीं दिखाई दे रहे हैं।