विधायकों ने लौटाए सुरक्षागार्ड, जताई हत्या की आशंका

मंगलवार, 13 नवंबर 2018 (16:24 IST)
भिंड। मध्यप्रदेश के भिंड जिले में विधानसभा चुनाव के ऐन पहले निर्वाचन आयोग के निर्देश पर हुए गनमैन के 'रेंडमाइजेशन' के बाद जिले के विधायकों ने अपनी सुरक्षा के प्रति संदेह जताते हुए अपने गनमैन वापस कर दिए हैं।
 
विधायकों का आरोप है कि प्रशासन के इस कदम से धुर विरोधी नेताओं के पास एक-दूसरे के गनमैन पहुंच गए हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं बची है।
 
भिंड के मौजूदा विधायक समाजवादी पार्टी प्रत्याशी नरेंद्रसिंह कुशवाह का कहना है कि उन्हें उनके राजनीतिक प्रतिद्वंदी भाजपा प्रत्याशी चौधरी राकेशसिंह का गनमैन दे दिया गया था। उनकी हत्या की आशंका थी, इसलिए उन्होंने गनमैन वापस कर दिया है।
 
लहार विधायक और कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि सभी उम्मीदवारों के गार्ड हटाकर राजनीतिक विरोधी राजनेताओं के सुरक्षा गार्ड पदस्थ किए हैं। गार्ड असामाजिक तत्वों को नहीं पहचानते। उन्होंने कहा कि 2013 के चुनाव में उनके मकान पर गोलीबारी कर हमला किया गया। उन्होंने अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन पर डालते हुए कहा कि गनर बदलने का आदेश गलत है।
 
अटेर विधायक हेमंत कटारे का कहना है कि 2017 के उपचुनाव में उन पर हमला हुआ था। राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के चलते उनके खिलाफ षड्यंत्र रचे जाते हैं। ऐसे में सुरक्षा गार्ड को बदलना ठीक नहीं है। कटारे ने भी सुरक्षागार्ड वापस कर दिया है।
 
कांग्रेस विधायक डॉ. गोविंद सिंह को मेहगांव से भाजपा विधायक मुकेश चौधरी के गनमैन संजीव कुमार और बीज निगम उपाध्यक्ष मुन्ना भदौरिया के गनमैन श्रीकृष्ण मिले हैं। भिंड विधायक और अब समाजवादी पार्टी प्रत्याशी नरेंद्र कुशवाह को पूर्व मंत्री और अब भाजपा प्रत्याशी चौधरी राकेश सिंह के गनमैन राजेंद्र दीक्षित और राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य के गनमैन प्रतापसिंह मिले हैं। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे को भाजपा सांसद डॉ भागीरथ के गनमैन आनंद सिंह और सतेंद्र सिंह मिले हैं। राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य को कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे के गनमैन विजय कुमार और भाजपा प्रत्याशी अरविंद भदौरिया के गनमैन प्रदीप सिंह मिले हैं। सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद को विधायक नरेंद्र कुशवाह के गनमैन धर्मेंद्रसिंह मिले हैं।
 
सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग के निर्देश पर कलेक्टर धनराजू एस, एसपी रुडोल्फ अल्वारेस की मौजूदगी में नेताओं की सुरक्षा में लगे गनमैन का रेंडमाइजेशन हुआ था। रेंडमाइजेशन के लिए कंप्यूटर में विशेष सॉफ्टवेयर होता है। इसके जरिए नेताओं को कंप्यूटर ने ही रेंडमाइजेशन कर गनमैन आवंटित किए हैं। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। कंप्यूटरीकृत रेंडमाइजेशन के कारण ही धुर विरोधी नेताओं को एक-दूसरे के गनमैन आवंटित हो गए।
 
पुलिस अधीक्षक अल्वारेस  ने आज बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर रेंडमाइजेशन किया गया था। सभी नेताओं को गार्ड भेजे हैं। नेता खुद ही गार्ड वापस कर रहे हैं। इसकी पूरी रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी जा रही है। (वार्ता)
 

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