Hanuman Chalisa

कोविड-19 के खिलाफ गांवों में अलख जगा रही सीएसआईआर प्रयोगशाला

Webdunia
शुक्रवार, 10 अप्रैल 2020 (12:09 IST)
उमाशंकर मिश्र,
नई दिल्ली,
अपने अनुसंधान के जरिये समाज की मदद करने वाला वैज्ञानिक समुदाय अब कोविड-19 के प्रकोप को देखते हुए लोगों को जागरूक करने के लिए जमीन पर भी उतर रहा है। इस सामाजिक जिम्मेदारी को निभाते हुए भोपाल स्थित एडवांस्ड मैटेरियल्स ऐंड प्रोसेस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एम्प्री) भी ग्रामीण स्तर पर कोविड-19 के संक्रमण को रोकने की कोशिशों में जुट गया है।

वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) से संबद्ध एम्प्री ने कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के 50 गांवों में कोविड-19 के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। संस्थान ने जागरूकता के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ फेस मास्क जैसे निजी सुरक्षा उपकरणों और कीटाणुनाशक साबुन के वितरण बीड़ा उठाया है। एम्प्री की इस पहल से कोविड-19 के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को ग्रामीण स्तर पर तेज करने की सीएसआईआर की कोशिशों को बल मिल सकता है।

इन दोनों राज्यों में स्थित एम्प्री सीएसआईआर की एकमात्र प्रयोगशाला है। मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में जागरूकता का प्रसार और निजी सुरक्षा उपकरणों का वितरण दो चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में मध्यप्रदेश के भोपाल और सीहोर जिलों के गाँवों में यह अभियान शुरू किया गया है।

जिन स्थानों पर इस मुहिम की शुरुआत की गई है, उनमें  भोपाल का बेरसिया, शाहपुर, रताताल, करसर, बरखेड़ी हज़ाम एवं खजुरी शामिल है। सीहोर ब्लॉक का भुखेड़ी, खेरी, अल्ला, निपानिया तथा मोहोडिया गाँव और आष्टा ब्लॉक के खजुरियाकसम, नीलबड, अरोलियापर, सेवदा, दरखेड़ा तिगरिया, अरनियागाज़ी और कर्मनखेड़ी भी इस मुहिम में शामिल हैं।

इस पहल के अंतर्गत संस्थान की ओर से पुलिस और स्थानीय लोगों में कोरोना के बारे में जानकारी बढ़ाने के लिए पोस्टर के साथ-साथ फेस मास्क जैसी निजी सुरक्षा सामग्री वितरित की जा रही है। सीएसआईआर-एम्प्री के निदेशक डॉ. अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि “इस अभियान में कोरोना वायरस के संक्रमण के बारे में ग्रामीण लोगों में जागरूकता पैदा करना, स्वच्छता, हाथ धोने, अफवाहों को फैलने से रोकने और सतर्कता बरतने  के बारे में जानकारी दी जा रही है।

इसके लिए हिंदी भाषा में प्रचार सामग्री के रूप में पर्चे और पोस्टर तैयार किए गए हैं। हम ग्रामीणों की मदद के लिए इस पहल का दायरा बढ़ाने के लिए भी योजना बना रहे हैं।”

डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि “प्रारंभिक तौर पर लगभग 15 गाँवों में यह अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के दूसरे चरण में छत्तीसगढ़ के गांवों में भी इसी तरह कार्य किया जाएगा। (इंडिया साइंस वायर)

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

सिर्फ एक अंडा! वैज्ञानिकों ने बताया दिमाग तेज करने का 'सीक्रेट फॉर्मूला'

पैरों की पिंडलियों को सुडौल और पतला करने हेतु आजमाएं ये 6 असरदार उपाय

ताड़ासन शरीर को फौलादी और सुडौल बनाने वाला योगासन, इसके हैं 5 फायदे

Summer diet plan: गर्मी से बचने के लिए जानें आयुर्वेदिक पेय और डाइट प्लान

गर्मी में शरीर को रखें ठंडा, रोज करें ये 3 असरदार प्राणायाम; तुरंत मिलेगा सुकून

सभी देखें

नवीनतम

Chhatrapati Shivaji Maharaj: 6 जून: श्रीमंत छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक दिवस पर विशेष

World Environment Day 2026: विश्व पर्यावरण दिवस का इतिहास और थीम, जानें कौन कर रहा है मेजबानी?

World Environment Day Wishes: विश्व पर्यावरण दिवस पर हरियाली का संदेश: शुभकामनाएं, विचार और प्रेरक पंक्तियां

Environment and Health: पर्यावरण और सेहत का क्या है कनेक्शन, जानें दोनों क्यों हैं एक-दूजे के लिए जरूरी

पेड़-पौधों का ज्योतिष कनेक्शन: 100 यज्ञों के बराबर पुण्य देता है सिर्फ एक पौधा! जानें किस्मत चमकाने वाली 11 जादुई बातें

अगला लेख