कश्मीर से हिमाचल प्रदेश तक भारी बर्फबारी, हिमस्खलन से जवाहर सुरंग में फंसे 10 पुलिसकर्मी

शुक्रवार, 8 फ़रवरी 2019 (08:35 IST)
श्रीनगर। हिमाचल प्रदेश में अधिक और मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हुई है वहीं कम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों और मैदानी इलाकों में शुक्रवार को मूसलाधार बारिश हुई। जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में गुरुवार को जवाहर सुरंग के पास श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर हिमस्खलन होने से कम से कम दस पुलिसकर्मियों के फंस जाने की आशंका है।

हिमाचल में भारी बर्फबारी, खराब मौसम से लोग परेशान : मौसम विज्ञान विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राजधानी शिमला, चंबा, कुफरी, नारकंड़ा, डलहौजी, मनाली, सोलन, मंडी, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में गुरुवार शाम से शुक्रवार सुबह तक भारी बर्फबारी हुई।
 
खराब मौसम से सामान्य जीवन प्रभावित हुआ, अनेक सड़कें बंद हो गई हैं। राजधानी शिमला तथा लाहौल-स्पीति सहित राज्य में अनेक स्थानों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। लाहौल-स्पीति में पिछले दो दिन से बर्फबारी हो रही है। यहां हिमस्खलन भी हुआ है।
 
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों के सभी शिक्षण संस्थानों को शुक्रवार को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों और मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में और बर्फबारी तथा कम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों और मैदानी इलाकों में शुक्रवार को भी बारिश होने की आशंका जताई है।
 
जवाहर सुरंग में हिमस्खलन, मुश्किल में 10 पुलिसकर्मियों की जान : पुलिस अधिकारी ने बताया कि काजीगुंड में जवाहर सुरंग के उत्तरी छोर पर यह हिमस्खलन हुआ। वहां दस पुलिसकर्मी फंसेें हुए हैं । पुलिस बचाव दल और अन्य संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंच गई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य जारी है। 
 
कश्मीर घाटी में बुधवार से ही बर्फबारी : अधिकारियों के अनुसार कश्मीर घाटी में बुधवार से ही बर्फबारी हो रही है। पिछले 24 घंटे में कुलगाम जिले में सबसे अधिक हिमपात हुआ हैं । जिले के कुछ हिस्सों में पांच फीट तक बफबारी हुई।
 
स्नो एंड एवेलांच स्टडीज स्टैब्लिशमेंट ने अगले 24 घंटे के लिए जम्मू कश्मीर के 22 जिलों में से 16 के लिए विभिन्न स्तर की हिमस्खलन चेतावनी जारी की है। 
 
दिल्ली में खराब मौसम के चलते 38 उड़ानों को दूसरे शहरों में भेजा : राजधानी में गुरुवार को तेज बारिश और ओलावृष्टि के चलते इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शाम छह बजे से रात 8 बजकर 45 मिनट के बीच 38 उड़ानों का मार्ग बदलकर दूसरे शहरों में भेज दिया गया। इस दौरान कई उड़ानों की रवानगी में दो घंटे से भी ज्यादा समय की देरी हुई।
 
अधिकारियों ने बताया कि बॉम्बार्डियर और एटीआर जैसे छोटे विमान के संचालन को भी तेज हवाओं के चलते कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। हालांकि बाद में उसे फिर से शुरू कर दिया गया। (भाषा) 

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