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नए संसद भवन के उद्घाटन में शामिल होंगे तमिलनाडु के 20 महंत

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चेन्नई , गुरुवार, 25 मई 2023 (15:16 IST)
New Parliament House Controversy: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि तमिलनाडु के 20 आदिनम (महंत) 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किए गए हैं। इस अवसर पर अंग्रेजों से सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के तौर पर प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को दिया गया रस्मी राजदंड ‘सेंगोल’ भी स्थापित किया जाएगा।
 
तमिलनाडु, तेलंगाना और नगालैंड के राज्यपालों के साथ पत्रकारों से बात करते हुए सीतारमण ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री को ‘सेंगोल’ सौंपे जाने की घटना तमिलनाडु के लिए बेहद खास है।
 
आजादी के बाद सत्ता हस्तानांतरण की प्रक्रिया के सिलसिले में नेहरू ने ‘राजाजी’ के नाम से लोकप्रिय पहले भारतीय गवर्नर जनरल सीआर राजगोपालाचारी से चर्चा की थी। इसके बाद राजाजी ने इस संबंध में शैव संत तिरुवदुथुरई आदिनम से चर्चा की थी, जिसके बाद उनकी सलाह पर सत्ता हस्तानांतरण के लिए ‘सेंगोल’ तय किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे।
 
सीतारमण ने कहा कि उद्घाटन समारोह के लिए तिरुवदुथुरई, पेरूर और मदुरै सहित तमिलनाडु के 20 आदिनाम को कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है। तमिल में, आदिनम शब्द एक शैव मठ और ऐसे मठ के प्रमुख दोनों को संदर्भित करता है।
 
वित्त मंत्री ने कहा कि आदिनम इस कार्यक्रम में शामिल होंगे, वहां ओडुवर (शैव शास्त्रों और भजनों के विद्वान) होंगे जो थेवरम का पाठ करेंगे। 1947 में भी जब ओथुवर्गल ने कोलारू पथिगम का पाठ किया था तब राजदंड को नेहरू को सौंप गया था। उन्होंने कहा कि उसी राजदंड को लोकसभा में लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी के पास बहुत श्रद्धा के साथ स्थापित किया जाएगा और यह ‘बिना किसी पक्षपात के न्यायपूर्ण शासन’ का प्रतीक होगा।
 
तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि, उनके तेलंगाना तथा नगालैंड के समकक्ष क्रमशः तमिलसाई सुंदरराजन और ला गणेशन, केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन और तमिलनाडु के मंत्री पी के सकेर बाबू भी उनके साथ उपस्थित थे।
 
देश का अपना संसद भवन : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को कहा कि मौजूदा संसद भवन वास्तव में एक ‘काउंसिल हॉल’ है तथा पहली बार देश के पास पूरी तरह अपना संसद भवन होगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता फडणवीस ने कहा कि किसी को भी यह भूलना नहीं चाहिए कि मौजूदा संसद भवन असल में एक काउंसिल हॉल है। पहली बार भारत के पास पूरी तरह अपना संसद भवन होने जा रहा है।
 
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जब राज्य प्रमुखों ने संबंधित राज्यपालों को आमंत्रित करने के बजाय खुद महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों का उद्घाटन किया। फडणवीस ने पूछा कि जब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने संसदीय सौध का उद्घाटन किया और राजीव गांधी ने संसद परिसर में पुस्तकालय की आधाशिला रखी तो क्या यह लोकतांत्रिक नियमों के विरुद्ध था?
 
किसने बनाया मौजूदा संसद भवन : सरकार के सेंट्रल विस्टा पोर्टल के अनुसार, मौजूदा संसद भवन ब्रिटिश वास्तुकार सर एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर द्वारा बनाई औपनिवेशिक काल की इमारत है। इसका निर्मामण 1921 से 1927 के बीच हुआ। मूल रूप से इसे काउंसिल हॉल कहा जाता है जिसमें इम्पीरियल विधान परिषद है। (भाषा)
Edited by: Vrijendra Singh Jhala

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