जम्मू के 3 जवान हिमस्खलन में हुए शहीद, 3 माह पहले हुई थी एक की शादी

सुरेश एस डुग्गर
बुधवार, 9 फ़रवरी 2022 (19:44 IST)
जम्मू। अरुणाचल प्रदेश में हिमस्खलन में शहीद हुए जम्मू के 3 जवानों में से एक की शादी 3 माह पहले ही हुई थी। वर्ष 2015 में सेना में भर्ती हुए अरुण की शादी गत नवंबर में ही पास के ही गांव गोविंदसर की सुनीता से हुई थी। शादी के 15 दिन के बाद ही अरुण अरुणाचल के कामेंग में ड्यूटी पर चला गया था। बलिदानी अरुण की 20 वर्षीय पत्नी सुनीता के हाथों में मेहंदी का रंग अभी पूरी तरह से चढ़ा हुआ है।

लापता होने की खबर मिलने के बाद से ही वह अपनी शादी की तस्वीरें बार-बार निहार रही थी। सेना में अरुण ने अभी लेखापानी, दिल्ली, अमृतसर और अरुणाचल में ही ड्यूटी की थी और बलिदान हो गया। अरुण का एक छोटा भाई अमन काटल भी है।

उसके गांवों के लोगों ने आधी रात तक परिवार से यह बात छिपाए रखी थी कि कठुआ का जांबाज युवा सैनिक अरुण काटल अरुणाचल प्रदेश के कामेंग सेक्टर में छह फरवरी को हुए हिमस्खलन में शहीद हो चुका है। वह उन सात जवानों में शामिल था, जो गश्त के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे।

शहीद होने की खबर से बेखबर अरुण की मां फोटो में अपने बेटे का माथा बार-बार चूम रही थी कि उसका बेटा सलामत रहे। पत्नी की हालत ऐसी ही है कि उसकी हाथों की मेहंदी अभी छूटी नहीं कि उसका सुहाग छिन गया।

जानकारी के लिए अरुणाचल प्रदेश हिमस्खलन की चपेट से आने से शहीद हुए सात जवानों में तीन जवान जम्मू से थे। लखनपुर कटड़ा के अरुण काटल के अलावा शहीदों में दो जम्मू जिला की अखनूर तहसील के खौड़ ब्लाक के डगेर गांव के हवलदार जुगल किशोर तथा खौड़ के ही चक मलाल गांव के विशाल शर्मा भी शामिल हैं। अब स्वजन को उनके पार्थिव शरीर आने का इंतजार है।

हवलदार जुगल किशोर शर्मा के गांव डेगर में कल से ही उसकी सलामती की दुआ मांगी जा रही थी। जुगल के शहीद होने का समाचार सबसे पहले उनके बड़े भाई गौतम को मिला, जो इलाके के सरपंच भी हैं। गौतम अपने आंसुओं को नहीं रोक पा रहे थे। उनका कहना था कि वह अपने भाई की नन्ही बच्ची कृतिका से आंखें नहीं मिला सकेंगे, जो अपने पापा के घर आने का इंतजार कर रही है। जुगल बचपन से ही सेना में जाने का सपना देखा करते थे।

अखनूर के खौड़ ब्लाक के चक मलाल गांव के सैनिक विशाल शर्मा पुत्र स्व. बाबू राम तीन महीने पहले ही अपनी बहन मीनाक्षी की शादी करवाकर ड्यूटी पर लौटे थे। विशाल के पिता बाबू राम भी सेना में कार्यरत थे, जो सेवानिवृत्‍त होकर आए थे, लेकिन अब उनका देहांत हो चुका है।

विशाल की मां को एक दिन पहले उसके लापता होने की सूचना मिली थी, लेकिन एक आस थी कि वह लौटकर जरूर आएगा, लेकिन सारी उम्मीदें टूट गईं। विशाल खेलकूद में काफी रुचि लेता था और बारहवीं पास करने के बाद वर्ष 2018 में सेना में भर्ती हो गया था।

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