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43 मंत्रियों ने ली शपथ, 15 कैबिनेट, 28 राज्यमंत्री, कैबिनेट की बैठक कल, PM मोदी ने सहयोगियों को दी बधाई

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, बुधवार, 7 जुलाई 2021 (21:26 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्रीय मंत्रिपरिषद के पहले और बहुप्रतिक्षीत विस्तार तथा पुनर्गठन में आज 15 कैबिनेट और 28 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली जिनमें 7 महिलाएं शामिल हैं जिसके साथ मोदी मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या 77 हो गई है। राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में बुधवार शाम आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नये मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कल शाम 5 बजे मोदी कैबिनेट की बैठक होगी। कल शाम 7 बजे मंत्रिपरिषद की भी बैठक होगी। मीडिया खबरों के मुताबिक मंत्रालय के बंटवारों में बड़े फेरबदल की संभावना।
पीएम ने दी बधाई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रिमंडल में विस्तार और पुनर्गठन के बाद बुधवार को शामिल हुए नए मंत्रियों को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने आज मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह के बाद ट्वीट कर कहा कि आज शपथ लेने वाले सभी सहयोगियों को मैंने बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। हम लोगों की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए काम करते रहेंगे तथा मजबूत और समृद्ध भारत का निर्माण करेंगे। 
समारोह में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अमित शाह, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, स्मृति ईरानी, निवर्तमान मंत्री रविशंकर प्रसाद एवं प्रकाश जावड़ेकर और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत उपस्थित थे।
 
सहयोगी दल जनता दल यू , अपना दल और लोकजन शक्ति पार्टी से अलग हुए गुट से एक- एक मंत्री ने शपथ ली। सात मौजूदा राज्य मंत्रियों को प्रोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है जबकि छह कैबिनेट मंत्रियों , एक राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार तथा पांच राज्य मंत्रियों की छुट्टी की गयी है। मंत्रिमंडल में 36 नये चेहरे शामिल किये गये हैं।
 
कैबिनेट मंत्री के रूप में सर्वश्री नारायण राणे, सर्वानंद सोनोवाल, वीरेन्द्र कुमार, ज्योतिरादित्य सिंधिया, रामचंद्र प्रसाद सिंह, अश्विनी वैष्णव, पशुपति कुमार पारस, किरेन रिजीजू, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, मनसुख मांडविया, भूपेन्द्र यादव, परषोत्तम रूपाला, जी किशन रेड्डी और अनुराग सिंह ठाकुर ने शपथ ली। सर्वश्री किरेन रिजीजू, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, मनसुख मंडाविया, परषोत्तम रूपाला, जी किशन रेड्डी और अनुराग सिंह ठाकुर निवर्तमान मंत्रिपरिषद में राज्य मंत्री थे। कैबिनेट मंत्रियों में नारायण राणे, भूपेन्द्र यादव, वीरेन्द्र कुमार, रामचंद्र प्रसाद सिंह, अश्विनी वैश्वणव और पशुपति कुमार पारस नये हैं।
राज्य मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों में पंकज चौधरी, सुश्री अनुप्रिया पटेल, डॉ. सत्यपाल सिंह बघेल, राजीव चंद्रशेखर, सुश्री शोभा करंदलाजे, भानुप्रताप सिंह वर्मा, सुश्री दर्शना विक्रम जरदोश, सुश्री मीनाक्षी लेखी, सुश्री अन्नपूर्णा देवी, ए. नारायणस्वामी, कौशल किशोर, अजय भट्ट, बी, एल वर्मा, अजय कुमार, देवूसिंह चौहान, भगवंत खूबा, कपिल मोरेश्वर पाटिल, सुश्री प्रतिमा भौमिक, डॉ. सुभाष सरकार, डॉ. भगवत किशन राव कराड, डॉ. राजकुमार रंजन सिंह, डॉ. भारती प्रवीण पवार, श्री बिश्वेसर टूडू, शांतनु ठाकुर, डॉ. महेन्द्र भाई मुंजापारा, श्री जॉन बारला, डॉ. एल मुरुगन और श्री निशीथ प्रमाणिक शामिल हैं।
 
मंत्रिपरिषद के पुनर्गठन से पहले सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत, शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, कानून, संचार, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद, सूचना प्रसारण, वन पर्यावरण, भारी उद्योग मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, श्रम और रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार, रसायन एवं उर्वरक मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्षवर्धन, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी, शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री प्रताप सारंगी, वन और पर्यावरण राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो, जल शक्ति राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया शामिल हैं। श्री गहलोत ने कल कर्नाटक का राज्यपाल बनाये जाने की घोषणा के बाद त्यागपत्र दे दिया था।
 
तीस मई 2019 को श्री मोदी के मंत्रिमंडल में 57 मंत्री बनाये गये थे जिनमें 24 कैबिनेट, नौ स्वतंत्र प्रभार तथा 24 राज्यमंत्री शामिल थे। लेकिन शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग होने के कारण श्री अरविंद सावंत और श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने इस्तीफा दिया था। इसके साथ ही लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान के निधन के कारण कैबिनेट मंत्रियों की संख्या 21 रह गयी थी। रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी की गत वर्ष कोविड के कारण मृत्यु होने के कारण कुल मिलाकर 53 मंत्री रह गये थे।
 
गहलोत सहित 12 मंत्रियों के हटाने के बाद पुराने मंत्रियों की संख्या 41 रह गई थी। संविधान के मुताबिक मंत्रिपरिषद में सदस्यों की अधिकतम संख्या 81 हो सकती है। आज जो 43 सदस्य शपथ लेने वाले मंत्रियों में 36 नये चेहरे हैं। इस प्रकार से नए पुनर्गठित मंत्रिपरिषद में सदस्यों की कुल संख्या 77 हो गई है।

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