दिल्ली में फिर बढ़ा वायु प्रदूषण, बारिश से मिलेगी राहत

शनिवार, 22 सितम्बर 2018 (17:56 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों में वायु प्रदूषण में हुई बढ़ोतरी को शनिवार से मानसून के अंतिम दौर की बारिश के कारण नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
 
मौसम विभाग ने दक्षिण पश्चिम मानसून के अंतिम सप्ताह में दिल्ली सहित अन्य उत्तरी राज्यों में शुक्रवार से शुरु हुई बारिश का दौर अगले तीन चार दिनों तक जारी रहने की संभावना जताई है।

विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में 18 सितंबर को हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण दक्षिण पश्चिम मानसून की 20 सितंबर से उत्तरी राज्यों में सक्रियता को देखते हुए शनिवार को उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 
विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, गुजरात, कोंकण, गोवा और विदर्भ में कुछ स्थानों पर तेज बारिश की चेतावनी जारी की है।
 
जम्मू कश्मीर में तूफानी हवाओं का दौर जारी रहने की आशंका के चलते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने मौसम में आए बदलाव को देखते हुए दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के स्तर में सुधार का भरोसा जताया है।
 
उल्लेखनीय है कि उत्तरी राज्यों में सितंबर के शुरुआती दो सप्ताह में हुई जबरदस्त बारिश के बाद समूचे इलाके में मौसम बिल्कुल साफ है। दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में नौ सितंबर के बाद से बारिश का दौर थमने के कारण वायु प्रदूषण के स्तर में तीन गुना तक इजाफा दर्ज किया गया है। 
 
सीपीसीबी के वायु सूचकांक के मुताबिक नौ सितंबर को पीएम 10 का स्तर 56 से बढ़कर 20 सितंबर को 165 के स्तर पर पहुंच गया था। दिल्ली के कुछ इलाकों में 21 सितबंर को हुई हल्की बारिश के साथ ही वायु सूचकांक में गिरावट दर्ज करते हुए यह 20 सितंबर की तुलना में 165 से घटकर 122 के स्तर पर आ गया।
 
मौसम विभाग के वैज्ञानिक चरण सिंह ने बताया कि उत्तराखंड, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में अधिकांश स्थानों पर रविवार और सोमवार को भी भारी बारिश तथा जम्मू कश्मीर, पश्चिमी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में कछ स्थानों पर तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 
 
सीपीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मौसम में बदलाव के पूर्वानुमान को देखते हुए दिल्ली एवं आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण के लिए सर्वाधिक जिम्मेदार तत्वों पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा में तेजी से गिरावट आना तय है। इस कारण से हवा की गुणवत्ता में सुधार होने से प्रदूषण का स्तर संतोषजनक श्रेणी में आ सकेगा। 
 
उल्लेखनीय है कि प्रदूषण संबंधी मानकों के मुताबिक वायु सूचकांक का स्तर शून्य से 50 तक रहने पर हवा की गुणवत्ता को बेहतर श्रेणी में रखा जाता है। जबकि 51 से 100 अंकों वाले सूचकांक को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के स्तर को ‘मध्यम’ श्रेणी, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 अंक वाले सूचकांक को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है। (भाषा) 

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