अमित शाह बोले, फारुक अब्दुल्ला घर से बाहर नहीं आना चाहते तो कनपटी पर गन रखकर नहीं ला सकते

मंगलवार, 6 अगस्त 2019 (17:08 IST)
नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि नेशनल कान्फ्रेंस के नेता एवं सांसद फारूक अब्दुल्ला को न तो हिरासत में लिया गया है और न ही गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि वह अपनी मर्जी से अपने घर पर हैं, स्वस्थ हैं और अगर उन्हें घर से बाहर नहीं आना तो कनपटी पर गन रखकर उन्हें बाहर नहीं लाया जा सकता।
 
दरअसल जम्मू कश्मीर पर केंद्र सरकार के संकल्प पर चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के कई सदस्यों ने राज्य के हालात का विषय उठाया और कहा कि वहां कई नेताओं को नजरबंद किया गया है तथा नेशनल कान्फ्रेंस के नेता फारूख अब्दुल्ला सदन में नहीं आए हैं, वह कहां हैं, पता नहीं।
 
जब राकांपा की सुप्रिया सुले और आईयूएमएल के पी के कुन्हालीकुट्टी ने सदन में इस विषय को उठाया तो गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ' वह न तो हिरासत में हैं और न ही गिरफ्तार किया गया है, वह अपनी मर्जी से अपने घर पर हैं।' सुले ने सदन में अपनी सीट के पास वाली सीट की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज वह (फारूख) सदन में नहीं हैं, उनकी आवाज नहीं सुनी जा सकी।
 
शाह के जवाब के बाद जब सुले ने कहा कि हो सकता है नेशनल कांफ्रेंस नेता अस्वस्थ हों। इस पर शाह ने कहा कि इसके बारे में डाक्टर बता सकते हैं। मैं इलाज नहीं कर सकता, यह डाक्टरों को करना है।
 
कुन्हालीकुट्टी ने जब यह सवाल उठाया तो शाह ने दोहराया कि अब्दुल्ला अपने घर पर हैं और स्वस्थ हैं। वह मौजमस्ती में हैं। कांग्रेस के शशि थरूर ने भी जब सदन में फारुख अब्दुल्ला की अनुपस्थिति का जिक्र किया और कहा कि नेशनल कान्फ्रेंस नेता का कहना है कि उन्हें घर से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा।
 
इस पर शाह ने कहा, 'वह घर से बाहर ही नहीं आना चाहते, उन्हें बाहर नहीं आना तो कनपटी पर गन रखकर बाहर नहीं ला सकते।'
 
लोकसभा में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 एवं जम्मू कश्मीर संबंधी संकल्प पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और द्रमुक के टी आर बालू ने भी नेशनल कांफ्रेंस नेता के बारे में जानना चाहा। 
 
इस बीच फारूक अब्दुल्ला ने गृहमंत्री अमित शाह पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 370 हटाने के विरोध में सदन में जाएंगे। मेरे घर के दरवाजे बंद कर दिए। नजरबंद नहीं। हम शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं। 370 हटाना असंवैधानिक, मेरे देश सेक्युलर और लोकतांत्रिक है। अलोकतांत्रिक तरीके से किया।

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