Publish Date: Sun, 07 Feb 2021 (13:42 IST)
Updated Date: Sun, 07 Feb 2021 (14:11 IST)
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में एक बड़ा हादसा सामने आया है। चमोली में एवलांच के बाद बड़ी तबाही की तस्वीरें सामने आ रही है। एवलांच के बाद ऋषिगंगा और फिर धौलीगंगा पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट का बांध टूटने से गंगा और उसकी सहायक नदियों में अचानक से जल स्तर बढ़ता जा रहा है और बड़े इलाके में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। राज्य में चमोली से लेकर हरिद्वार तक अलर्ट जारी कर दिया गया है।
एवलांच के बाद चमोली जिले के ऋषिगंगा नदी पर रैणी गांव में निर्माणाधीन 24 मेगावाट के हाइड्रो प्रोजेक्ट का बैराज टूट गया। इसके बाद मलबे व पानी का तेज बहाव धौलीगंगा की ओर बढ़ा।
नतीजतन रैणी से करीब 10 किमी दूर तपोवन में धौलीगंगा नदी पर निर्माणाधीन 520 मेगावाट की विद्युत परियोजना का बैराज भी टूट गया। इसके बाद हालात बिगड़ गए। दोनों प्रोजेक्ट पर काम कर रहे बड़ी संख्या में मजदूरों के बहने की सूचना है। घटना के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस घटनाक्रम पर निगरानी रखे हुए है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिद्धम अग्रवाल के मुताबिक सुबह पहाड़ से भारी मलबा, हिमखंड टूटकर आने से इन हाइड्रो प्रोजेक्ट के बैराज क्षतिग्रस्त हुए। उन्होंने बताया कि बाढ़ के खतरे को देखते हुए तपोवन से लेकर हरिद्वार तक के सभी जिलों में अलर्ट जारी करने के साथ ही गंगा व उसकी सहायक नदियों के किनारे के रास्ते बंद कर दिए गए हैं।
गंगा के किनारे के सभी कैंपों को खाली कराया जा रहा है। कैंपों की संख्या 600 के लगभग है। साथ ही गंगा व उसकी सहायक जिन नदियों में बाढ़ का खतरा है, वहां आसपास की बस्तियों को खाली करा दिया गया है। स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि हादसे में काफी संख्या में मजदूरों के बहने की सूचना है।