Publish Date: Sun, 25 Nov 2018 (14:15 IST)
Updated Date: Sun, 25 Nov 2018 (15:22 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के एक प्रावधान का हवाला देते हुए विदेश से लाए गए कालेधन के बारे में ब्योरा देने से इंकार कर दिया है।
पीएमओ ने जानकारी देने से इंकार करते हुए आरटीआई के उस प्रावधान का हवाला दिया जिसमें सूचना का खुलासा करने से जांच और दोषियों के खिलाफ मुकदमा चलाने में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
केंद्रीय सूचना आयोग ने 16 अक्टूबर को एक आदेश पारित किया था जिसमें पीएमओ से 15 दिनों के भीतर कालेधन का ब्योरा मुहैया कराने के लिए कहा गया था। इसी के जवाब में पीएमओ ने सूचना देने से इनकार कर दिया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए ख्यात सरकारी अधिकारी संजीव चतुर्वेदी के आरटीआई आवेदन के जवाब में पीएमओ ने कहा कि आरटीआई कानून की धारा 8 (1) (एच) के तहत छूट के प्रावधान के मुताबिक इस समय सरकार द्वारा दोषियों के खिलाफ किए गए सभी कार्यों / प्रयासों का खुलासा जांच या धरपकड़ या मुकदमे की पूरी प्रक्रिया में बाधा डाल सकता है।
पीएमओ ने कहा कि ऐसी जांच विभिन्न सरकारी खुफिया और सुरक्षा संगठनों के दायरे में आती है जिन्हें आरटीआई अधिनियम के दायरे से बाहर रखा गया है। भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) के अधिकारी चतुर्वेदी ने एक जून 2014 के बाद से विदेश से लाए गए कालेधन की मात्रा के बारे में जानने के लिए एक आरटीआई आवेदन दायर किया था।
आरटीआई आवेदन के प्रारंभिक जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय ने पिछले साल अक्टूबर में कहा था कि मांगी गई जानकारी सूचना को परिभाषित करने वाले इस पारदर्शिता कानून की धारा 2 (एफ) के दायरे में नहीं है।