अलीगढ़ में मासूम की वीभत्स हत्या, केन्द्रीय मंत्री की रूह भी कांपी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ की घटना अब राष्ट्रीय मुद्दा बन चुकी है और देश के कोने-कोने से मासूम बच्ची को न्याय दिलाने के लिए आवाजें उठ रही हैं। मासूम की हत्या बहुत ही बर्बरता से की गई है। मेडिकल रिपोर्ट में भी अंग भंग की बात कही गई है। 
 
इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस को एसआईटी गठित कर जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने का दबाव था और घटना की गंभीरता को देखते हुए एक इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए हैं। घटना के दो आरोपी जाहिद व असलम को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया है , लेकिन इस घटना के बाद से उत्तर प्रदेश की पुलिस सवालों के घेरे में आ गई है। ऐसे बहुत सारे सवाल हैं जिनको लेकर लोग सोशल मीडिया पर पुलिस को घेर रहे हैं और अभी भी पुलिस विभाग पर बड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।
 
क्या है मामला : अलीगढ़ में बच्ची के माता-पिता ने आरोपियों से 50 हजार रुपए उधार लिए थे, जिसमें से 40 हजार रुपए वापस किए जा चुके थे। केवल 10 हजार रुपए बाकी रह गए थे। इस पर एक रोज आरोपी ने बच्ची के पिता को रोककर पैसे लौटाने को कहा तो दोनों के बीच विवाद हो गया। इस पर आरोपी बच्ची के पिता को जाते-जाते देख लेने की धमकी दे गया।
 
30 मई को जब बच्ची लापता हुई तो माता-पिता का इस घटना की ओर ध्यान ही नहीं गया। बच्ची के पिता ने बच्ची के लापता होने पर पुलिस को बताया था कि उसकी किसी से रंजिश या दुश्मनी नहीं है। इसके बाद 2 जून को बच्ची का शव आरोपी के घर के बाहर कूड़े के ढेर में पाया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को 4 जून को गिरफ्तार किया। आरोपी का नाम जाहिद है। इस मामले में आरोपी के एक साथी असलम को भी गिरफ्तार किया गया है।
 
क्या बोले अधिकारी : बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध को लेकर एडीजी आनंद कुमार ने बताया कि एसआईटी का गठन किया गया है। घटना की सही जांच हो सके इसके लिए एक एक्सपर्ट, फॉरेंसिक टीम और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को भी जांच टीम का हिस्सा बनाया गया है। यह टीम फास्ट ट्रैक कोर्ट के बेस पर जांच करेगी। तीन सप्ताह में एसआईटी अपनी रिपोर्ट देगी। अभी तो जो जानकारी मिली है उसके अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है। 
 
क्या बोलीं केन्द्रीय मंत्री : इस घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा है कि ऐसे जघन्य अपराध के बारे में सुनकर ही रूह कांप जाती है, इसमें जो भी दोषी है उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी की ओर से टि्वटर के द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया है कि यूपी में हत्या और दुष्कर्म की बढ़ती वारदातें प्रदेश सरकार की नाकामी की देन हैं। अलीगढ़ में मासूम के साथ दरिंदगी की घटना बेहद निंदनीय! परिजनों के प्रति गहरी संवेदना! आरोपियों पर सख्त कर्रवाई हो।
 
आंसुओं में डूबी मां की मांग : जघन्य अपराध की शिकार हुई मासूम की मां ने रोते हुए कहा कि शादी के बाद भगवान से बड़ी मन्नत के बाद गोद में नन्ही परी आई थी। बड़े ही प्यार से हमने उसका नाम रखा था। लेकिन, कुछ लोगों ने मुझसे छीन लिया है, मुझे अपना दर्द बयां करना है। इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी व प्रधानमंत्री मोदी जी को मेरे पास आना पड़ेगा और मेरे दुख को सुनना पड़ेगा। 
 
पीड़ित मां ने कहा कि मैं हाथ जोड़कर सिर्फ यही निवेदन करना चाहती हूं कि मेरी बेटी के साथ जिन्होंने यह जघन्य कृत्य किया है उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। इस मां को तब शांति मिलेगी जब इन अपराधियों को फांसी के फंदे पर लटकता देखूंगी।

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