Publish Date: Mon, 02 Apr 2018 (10:40 IST)
Updated Date: Mon, 02 Apr 2018 (10:56 IST)
नई दिल्ली। सीबीएसई पेपर लीक मामले में गिरफ्तार लोगों ने अपने अपराध को कबूल करते हुए कहा कि अपने दोस्त की मदद करने और कुछ रुपयों के लालच में उन्होंने यह काम किया। यह जानकारी पुलिस ने रविवार को दी। पुलिस के अनुसार ऋषभ, रोहित और तौकिर पिछले पांच साल से एक-दूसरे को जानते थे। तौकीर इस मामले में तीसरा आरोपी है। तौकरी ने रोहित और ऋषभ से अपने छात्रों की मदद करने के लिए 12वीं का सीबीएसई का अर्थशास्त्र का पेपर हासिल करने के लिए कहा।
जांच अधिकारियों के अनुसार यह अपराध कुछ हजार रुपए हासिल करने के लिए किया गया। पुलिस ने बताया कि परीक्षा निरीक्षकों ने एग्जामिनेशन डे पर परीक्षा शुरू होने के 45 मिनट पहले करीब 9.45 पर उपलब्ध कराया और उन्हें देखने की अनुमति भी दे दी। परीक्षा 10.30 पर शुरू होती है। हालांकि आरोप है कि स्कूल अथॉरिटीज ने टीचर्स को 9.10 पर क्वेश्चन पेपर मुहैया करा दिया था, जिसे उन्होंने रोहित और ऋषभ को दिया था कि वे उसकी फोटो क्लिक करके तौकीर को भेज सकें और वह उसे अपने स्टूडेंट के बीच बांट दे।
पुलिस मामले इस यह जांच कर रही है कि इन तीनों ने सिर्फ यह पेपर लीक कराया था या इससे पहले भी पेपर लीक कराने का काम कर चुके हैं। ऋषभ इस स्कूल में फिजिक्स का टीचर है। ऋषभ ने बीटेक किया और उसके बाद बीएड किया। उसी स्कूल में रोहित गणित का टीचर है। उसने हरियाणा के बहादुरगढ़ से बीएससी की जबकि तौकीर एक प्राइवेट इंस्टिट्यूट में अर्थशास्त्र पढ़ाता है। पुलिस ने बताया कि ये तीनों पिछले दो हफ्तों से यह षड्यंत्र रच रहे थे। (एजेंसियां)