Publish Date: Sat, 26 Mar 2022 (01:33 IST)
Updated Date: Sat, 26 Mar 2022 (01:35 IST)
नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त विधेयक में 39 संशोधनों का प्रस्ताव रखा था, जिन्हें लोकसभा ने ध्वनि मत से मंजूरी दे दी। इनमें क्रिप्टो करेंसी (Crypto Currency) पर कराधान को लेकर नियम सख्त करने से संबंधित संशोधन भी शामिल है। क्रिप्टो के लाभ पर कर को 1 अप्रैल से लागू करने का रास्ता साफ हो गया है, जबकि टीडीएस का प्रावधान एक जुलाई, 2022 से लागू होगा।
खबरों के अनुसार, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि उपकर एवं अधिभार के एवज में किए जाने वाले कटौती के दावे से संबंधित पिछली तिथि से संशोधन का उद्देश्य इस प्रावधान का दुरुपयोग रोकना है। यह खासकर उन लोगों के लिए है, जो इसे छूट या कारोबार खर्च के रूप में देखते रहे हैं।
वित्त वर्ष 2022-23 के बजट ने क्रिप्टो करेंसी से होने वाली आय पर कर लगाने पर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। एक अप्रैल, 2022 से क्रिप्टो करेंसी की लेनदेन से होने वाली आय पर 30 प्रतिशत की दर से आयकर लगने के अलावा उपकर एवं अधिभार भी लगाए जाएंगे।
इसके अलावा सालभर में 10 हजार रुपए से अधिक डिजिटल मुद्रा के भुगतान पर एक फीसदी की दर से स्रोत-पर-कर (टीडीएस) लगाने का भी प्रस्ताव रखा गया है। टीडीएस का प्रावधान एक जुलाई, 2022 से लागू होगा, जबकि लाभ पर कर एक अप्रैल, 2022 से ही लागू होगा।
क्रिप्टो करेंसी पर जताई गई चिंता के बारे में सीतारमण ने कहा कि इस डिजिटल मुद्रा के बारे में नियमन को लेकर परामर्श जारी है। तब तक सरकार ने डिजिटल मुद्रा से होने वाले लाभ पर 30 प्रतिशत की दर से कर लगाने का निर्णय किया। संशोधनों के तहत निर्यात-आयात आंकड़ों के प्रकाशन के संदर्भ में जुर्माना प्रावधान को भी हल्का किया गया है।