Hanuman Chalisa

Chandrayaan-2 : NASA ने ढूंढ निकाला विक्रम लैंडर का मलबा, जारी की तस्वीर

Webdunia
मंगलवार, 3 दिसंबर 2019 (07:48 IST)
बेंगलुरु। सितंबर में दुर्घटनाग्रस्त हुए चंद्रयान 2 (Chandrayaan-2) के विक्रम लैंडर के मलबे को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने ढूंढ निकाला है। मंगलवार सुबह नासा ने अपने लूनर रेकॉन्सेन्स ऑर्बिटर (एलआरओ) द्वारा ली गई एक तस्वीर जारी की है।
ALSO READ: चंद्रयान-3 प्रोजेक्ट पर काम शुरू, सरकार ने 75 करोड़ रुपए की मांगी मंजूरी
इसमें विक्रम लैंडर से प्रभावित जगह नजर आ रही है। नासा ने अपने बयान में कहा कि चंद्रमा की सतह पर विक्रम लैंडर मिल गया है। तस्‍वीर में नीले और हरे डॉट्स के माध्‍यम से विक्रम लैंडर के मलबे वाला क्षेत्र दिखाया गया है।

The #Chandrayaan2 Vikram lander has been found by our @NASAMoon mission, the Lunar Reconnaissance Orbiter. See the first mosaic of the impact site https://t.co/GA3JspCNuh pic.twitter.com/jaW5a63sAf

— NASA (@NASA) December 2, 2019 async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"> >
चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग के दौरान चंद्रयान 2 का इसरो से संपर्क टूट गया था। नासा ने कहा कि उसने 26 सितंबर को क्रैश साइट की एक तस्‍वीर जारी की थी और लोगों को विक्रम लैंडर के संकेतों की खोज करने के लिए बुलाया था। इसके बाद शनमुगा सुब्रमण्यन नाम के एक व्यक्ति ने मलबे की एक सकारात्मक पहचान के साथ एलआरओ परियोजना से संपर्क किया।
 
शानमुगा ने मुख्य क्रैश साइट के उत्तर-पश्चिम में लगभग 750 मीटर की दूरी पर स्थित मलबे की पहचान की थी। यह पहले मोजेक (1.3 मीटर पिक्सल, 84 डिग्री घटना कोण) में एक एकल उज्ज्वल पिक्‍सल पहचान थी। नवंबर मोजेक इंपैक्‍ट क्रिएटर, रे और व्‍यापक मलबा क्षेत्र को सबसे अच्‍छा दिखाता है। मलबे के 3 सबसे बड़े टुकड़े 2x2 पिक्‍सल के हैं।
 
नासा ने अक्‍टूबर में कहा था ऑर्बिटर से मिले ताजा फोटो में चंद्रयान-2 के लैंडर का कोई पता नहीं चला है। नासा ने कहा कि हो सकता है जिस समय हमारे ऑर्बिटर ने फोटो ली, उस समय लैंडर किसी छाया में छिप गया हो।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, असल समस्या हल नहीं होगी, NEET paper leak पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटी की कीमत कैसे तय होती है, खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान? कीमत के अलावा ये फैक्टर्स भी हैं बेहद जरूरी

रूस-तालिबान डिफेंस डील से उड़े पाकिस्तान के होश, भारत के लिए क्या हैं इसके कूटनीतिक मायने?

ईरान का दावा- 'बुशहर में गिराया अमेरिकी विमान', भड़का अमेरिका; क्या खटाई में पड़ेगा 60 दिनों का युद्धविराम?

राहुल गांधी ने बिछाई 2029 की बिसात: क्‍या कांग्रेस अब ‘हाईकमान मॉडल’ छोड़ क्षेत्रीय चेहरों पर लगाएगी दांव?

New Rule : 1 जून से बदल जाएंगे पैसे, टैक्स, UPI और बैंकिंग के नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

लखनऊ में बनेगी देशभक्ति की नई पहचान, राजनाथ सिंह और योगी करेंगे ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का लोकार्पण

NDA सरकार के 12 साल पूरे होने पर यूपी में 21 जून तक चलेगा बड़ा जनसंपर्क अभियान, हर विधानसभा में निकलेगी ‘प्रगति पथ यात्रा’

यूपी के 1.40 लाख स्कूलों का होगा सुरक्षा ऑडिट, छात्रों की सुरक्षा के लिए सरकार की बड़ी पहल

वनतारा फिर कोर्ट टेस्ट में पास, सुप्रीम कोर्ट ने नई अर्जी खारिज की, जानवरों के ट्रांसफर को बताया वैध

अगला लेख