Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

इस बजट से प्रधानमंत्री ने 'ना जवान, ना किसान' का नारा दिया : कांग्रेस

webdunia
बुधवार, 10 फ़रवरी 2021 (21:30 IST)
नई दिल्ली। कांग्रेस ने वर्ष 2021-22 के बजट को देश के लोगों को निराश करने वाले वाला बजट करार दिया और दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके माध्यम से देश में 'ना जवान, ना किसान' का नारा दिया। लोकसभा में 2021-22 के बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि बजट में देश के सशस्त्र बलों, मध्य वर्ग, किसानों और छोटे एवं लघु कारोबारों की अनदेखी की गई।

उन्होंने दावा किया, शास्त्री जी ने 'जय जवान, जय किसान' का नारा दिया, लेकिन प्रधानमंत्री ने इस बजट के माध्यम से इस नारे में ‘ना जवान, ना किसान’ का योगदान दिया।थरूर ने आरोप लगाया कि अर्थव्यवस्था में पहले से गिरावट थी और कोरोना संकट के बाद यह ध्वस्त हो गई। लेकिन वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के भाषण में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने को लेकर कुछ दिशा नहीं दिखी। सिर्फ बयानबाजी हुई।

उन्होंने कहा कि चुनौतियों से निपटने का कोइ खाका पेश नहीं किया। पिछले सात साल में इस सरकार ने आम आदमी को निराश किया है। कांग्रेस सांसद के मुताबिक, कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के लिए 35000 करोड़ रुपए तय किए गए और पेयजल का आवंटन भी स्वास्थ्य बजट में जोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य बजट सिर्फ 71000 करोड़ रुपए का है, जबकि सरकार इसे दो लाख करोड़ रुपए से अधिक का बता रही है।

उन्होंने कहा कि मनरेगा के लिए आवंटन कम कर दिया गया। एमएसएमई उपक्रमों के लिए कोई सीधी वित्तीय सहायता देने का प्रावधान नहीं किया गया। थरूर ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर होना चाहिए, लेकिन इससे सरकार का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि लोग खुद पर निर्भर हों और सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं हो।

उन्होंने कहा कि इस सरकार का कर्तव्य है कि सशस्त्र बलों को पूरा धन मुहैया कराया जाए। लेकिन रक्षा बजट देखकर लगता है कि ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यह देखकर लगता है कि यह सरकार सिर्फ राष्ट्रवाद की खोखली बातें करती है, लेकिन कुछ करती नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी के लिए एक शर्म का विषय है कि सरकार सशस्त्र बलों को पर्याप्त धन मुहैया नहीं कराया, जबकि वे दो मोर्चों पर चुनौतियों का मुकाबला कर रहे हैं। थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के आवंटन में 13 फीसदी की कमी गई। इस योजना के तहत दी जाने वाली राशि में कोई बढ़ोतरी की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि ‘सूटबूट वालों’ को सरकार का पैसा मिल रहा है, लेकिन हकदार किसानों को पैसा नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस सांसद ने यह दावा भी किया कि बजट में मध्य वर्ग को कर की राहत नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि नौजवानों के लिए रोजगार सृजन और कौशल विकास के लिए बजट का आवंटन नहीं किया गया।(भाषा)

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

वैज्ञानिकों ने विकसित की नई प्रणाली, किसानों की फसल का नुकसान होगा कम