निर्मला सीतारमण ने संभाली रक्षा मंत्रालय की कमान

Webdunia
गुरुवार, 7 सितम्बर 2017 (11:04 IST)
नई दिल्ली। नवनियुक्त रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को यहां रक्षा मंत्रालय का  कार्यभार संभाल लिया। वे देश की पहली पूर्णकालिक महिला रक्षामंत्री हैं। हालांकि इससे  पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी रक्षामंत्री रह चुकी हैं लेकिन उन्होंने बतौर प्रधानमंत्री  रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार अपने पास रखा था।
 
सीतारमण सुबह 10.30 बजे साउथ ब्लॉक पहुंचीं और रक्षा मंत्रालय का कामकाज संभाला।  इस मौके पर पूर्व रक्षामंत्री अरुण जेटली भी मौजूद थे। मोदी मंत्रिपरिषद के रविवार को हुए  विस्तार एवं फेरबदल में सीतारमण को प्रोन्नत कर रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई  थी। इससे पहले वे उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री थीं। उन्हें अरुण जेटली के स्थान पर  रक्षामंत्री बनाया गया है, जो वित्त मंत्रालय के साथ-साथ रक्षा मंत्रालय का भी काम देख रहे  थे।
 
मई 2014 में मोदी सरकार के गठन के समय जेटली को वित्त के साथ-साथ रक्षा मंत्रालय  की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद नवंबर 2014 में मंत्रिपरिषद के पहले फेरबदल में  मनोहर पर्रिकर को रक्षामंत्री की जिम्मेदारी दी गई। पर्रिकर को गत मार्च में गोवा का  मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद रक्षा मंत्रालय का प्रभार एक बार फिर जेटली को सौंप दिया  गया था।
 
चीन और पाकिस्तान से लगी सीमा पर पिछले कुछ समय से चल रहे घटनाक्रमों को देखते  हुए भी सीतारमण की नियुक्ति को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मोदी सरकार के  लगभग सभी नए मंत्रियों ने अपने-अपने कार्यभार संभाल लिए हैं लेकिन जेटली के रक्षामंत्री  के तौर पर रविवार को ही जापान यात्रा पर जाने के कारण सीतारमण रक्षा मंत्रालय का  कार्यभार नहीं संभाल सकी थीं। जेटली बुधवार शाम जापान से लौट आए थे।
 
सीतारमण 2008 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं और उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में  जगह दी गई। उन्हें मार्च 2010 में पार्टी का प्रवक्ता बनाया गया, जहां से उनके करियर ने  उड़ान भरी और मोदी सरकार के सत्ता में आते ही उन्हें बतौर राज्यमंत्री मंत्रिपरिषद में  जगह दी गई। 
 
उनका जन्म तमिलनाडु के मदुराई जिले में 18 अगस्त 1959 को हुआ था। उन्होंने  तिरुचिरापल्ली के सीतालक्ष्मी रामास्वामी कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक करने के बाद  आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्व विद्यालय में दाखिला लिया।  उन्होंने अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर और 'इंडो-यूरोपीयन टेक्सटाइल ट्रेड' विषय में पीएचडी की।
 
कुछ समय के लिए उन्होंने अर्थशास्त्री के रूप में भी काम किया। वे लंदन के एग्रीकल्चरल  इंजीनियरिंग एसोसिएशन में सहायक अर्थशास्त्री रहीं। इसके बाद लंदन में ही प्राइस  वॉटरहाउस में वरिष्ठ प्रबंधक (अनुसंधान एवं विश्लेषण) के रूप में काम किया और साथ ही  साथ बीबीसी वर्ल्ड सर्विस में भी सेवाएं देती रहीं।
 
भारत लौटने पर वे हैदराबाद की सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी स्टडीज से जुड़ीं और 'प्रणव'  नाम से एक स्कूल की स्थापना की। वर्ष 2003 से 2005 के बीच वे राष्ट्रीय महिला आयोग  की सदस्य भी रहीं। (वार्ता)
 
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