Publish Date: Wed, 04 Nov 2020 (21:10 IST)
Updated Date: Wed, 04 Nov 2020 (21:16 IST)
नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने बुधवार को कहा कि उसने ओडिशा तट से पिनाका (PINAKA Rocket ) रॉकेट प्रणाली के नए संस्करण का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। डीआरडीओ ने कहा कि लगातार 6 रॉकेट छोड़े गए और परीक्षण के दौरान लक्ष्य पूरा करने में सफलता मिली।
डीआरडीओ ने ट्वीट किया, डीआरडीओ द्वारा विकसित पिनाका रॉकेट प्रणाली का बुधवार को ओडिशा तट के पास चांदीपुर एकीकृत परीक्षण रेंज से सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया।
डीआरडीओ ने कहा कि पिनाका रॉकेट सिस्टम के उन्नत संस्करण मौजूदा Pinaka Mk-I का स्थान लेंगे, जिसका वर्तमान में उत्पादन हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि यह रॉकेट अत्याधुनिक दिशासूचक प्रणाली से लैस है, जिसके कारण यह सटीकता से लक्ष्य की पहचान कर उस पर निशाना साधता है।
एक अधिकारी ने बताया कि सभी उड़ान लेखों को टेलीमेट्री, रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम जैसे रेंज इंस्ट्रूमेंट्स द्वारा ट्रैक किया गया। उन्होंने बताया कि पिनाका एमके-I वर्तमान मे मौजूद पिनाका का लेटेस्ट वर्जन है।
पहले के पिनाका में गाइड करने की तकनीक नहीं थी, उसे अब अपग्रेड कर गाइडिंग प्रणाली से लैस कर दिया गया है। इस सिलसिले में हैदराबाद रिसर्च सेंटर इमारत (आरसीआई) ने नौवहन, दिशानिर्देशन एवं नियंत्रण किट भी विकसित की थी।
पुणे स्थित डीआरडीओ प्रयोगशाला, आयुध अनुसंधान एवं विकास स्थापना (एआरडीई) और हाई एनर्जी मैटेरियल रिसर्च लेबोरेटरी ने इसका डिजाइन और इसे विकसित किया है।
पिनाका रॉकेट की रेंज करीब 37 किलोमीटर है। पिछले 2 महीने में भारत ने कई मिसाइलों का परीक्षण किया है। इसमें सतह से सतह पर मार करने में सक्षम सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस और एंटी रेडिएशन मिसाइल रूद्रम-एक भी शामिल है।