Publish Date: Sun, 01 Jul 2018 (14:22 IST)
Updated Date: Sun, 01 Jul 2018 (14:30 IST)
नई दिल्ली। उत्तरप्रदेश में अगले साल के शुरू में होने जा रहे कुंभ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है। पिछले कुछ समय में संघ की भाजपा नेताओं के साथ हुई बैठकों के बाद जो रणनीति बनी है, उसके मुताबिक कुंभ में जनसंपर्क और व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी स्वयंसेवकों को दी जा सकती है।
संघ और भाजपा सूत्रों के मुताबिक अगले वर्ष लोकसभा चुनाव प्रस्तावित हैं और उसके ठीक पहले आयोजित होने जा रहे कुंभ को भाजपा और संघ हिन्दुओं को एकजुट करने का महत्वपूर्ण माध्यम मान रहे हैं। अगले लोकसभा चुनाव की तैयारियों के तहत भाजपा 'कुंभ महोत्सव' का उपयोग करेगी जिसमें पिछड़ों और दलितों को एकजुट रखने पर जोर दिया जाएगा।
उत्तरप्रदेश में हाल के उपचुनाव में हुई भाजपा की पराजय के परिदृश्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के बीच इस विषय पर पिछले सप्ताह चर्चा हुई जिसमें इस बात पर बल दिया गया कि वर्तमान माहौल में हिन्दू मतदाताओं को एकजुट रखने के संदर्भ में कुंभ महत्वपूर्ण आयोजन है।
आरएसएस के सेवा विभाग ने इस संबंध में 'सामाजिक समरसता एवं सद्भाव यात्रा' का आयोजन शुरू किया है जिसमें दलितों को जागरूक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इस पहल में साधु-संतों को भी जोड़ा जा रहा है। संघ से जुड़े सूत्रों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में जाति से जुड़े मुद्दे अधिक हैं और सामाजिक समरसता सद्भाव यात्रा के आयोजन का उद्देश्य इसी मुद्दे पर जागरूकता फैलाना है।
यह पूछे जाने पर कि अगले लोकसभा चुनाव में क्या हिन्दुत्व मुख्य मुद्दा होगा? भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने भाषा को बताया कि हमारा मुख्य मुद्दा विकास है लेकिन इसके साथ संस्कृति, परंपरा, विरासत और पहचान के विषय को भी हमें लगातार आगे बढ़ाना है तथा इस संदर्भ में कुंभ एक महाआयोजन है, जो हमारी पहचान और आस्थाओं से जुड़ा विषय है। ऐसे में यह आयोजन सभी हिन्दुओं के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जुलाई के प्रथम सप्ताह में उत्तरप्रदेश की यात्रा पर जाएंगे। कुछ दिनों पहले उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा भाजपा नेताओं के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 5वीं समन्वय बैठक दिल्ली में हुई। दिल्ली में योगी की मोहन भागवत और भैयाजी जोशी से मुलाकात हुई।
सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से लौटने के बाद लखनऊ में योगी आदित्यनाथ की संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के साथ बैठक हुई। इसमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, दिनेश शर्मा आदि भी मौजूद थे।
समझा जाता है कि इन बैठकों में जोर दिया गया कि उत्तरप्रदेश में तैयार हो रहे विपक्षी महागठबंधन से मुकाबला करने के लिए हिन्दुत्व के मुद्दे को मजबूती से रखा जाए। इस बात पर जोर दिया गया है कि अगड़ों एवं पिछड़ों के नाम पर हिन्दू मतों का विभाजन नहीं हो, इसके लिए पार्टी के अभियान के साथ सरकारी योजनाओं को जोरदार ढंग से आगे बढ़ाया जाए।
इस रणनीति के तहत कुंभ मेले में जनसंपर्क कार्य एवं व्यवस्था संभालने का दायित्व स्वयंसेवकों को सौंपने की बात कही गई है। समझा जाता है कि संघ के सभी आनुषंगिक संगठन कुंभ के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। (भाषा)