Publish Date: Thu, 26 Dec 2019 (13:45 IST)
Updated Date: Thu, 26 Dec 2019 (13:49 IST)
नई दिल्ली। इसी माह सेवानिवृत्त होने जा रहे भारतीय सेना के प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ भड़की हिंसा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गुरुवार को कहा कि समाज में हिंसा भड़काना लीडरशिप नहीं है।
जनरल रावत ने कहा कि कुछ लोग यूनिवर्सिटी में हिंसा भड़का रहे हैं। हिंसा फैलाने वालों के चेतावनी देते हुए रावत ने देशवासियों को आगाह किया कि आप भीड़ में भी लीडर देखेंगे। जो लोग हथियार उठाकर हिंसा फैला रहे हैं, उन्हें लीडर नहीं कहा जा सकता।
सेना प्रमुख ने कहा कि लीडर वो है जिनकी आपको जरूरत है, जो आपकी परवाह करते हैं। समाज को गलत दिशा में ले जाने वाले लीडर नहीं हो सकते।
उल्लेखनीय है कि जनरल रावत इस माह की 31 तरीख को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसी भी चर्चा है कि उन्हें रिटायरमेंट के बाद चीफ ऑफ डिफेंस (CDS) नियुक्त किया जा सकता है। CDS तीनों सेनाओं का प्रमुख होगा साथ ही सरकार और सैन्य बलों के बीच समन्वय का काम करेगा।