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कौन है गुरमीत राम रहीम, जिसे तीसरी बार मिली है उम्रकैद की सजा...

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, सोमवार, 18 अक्टूबर 2021 (18:19 IST)
पंचकुला की विशेष सीबीआई अदालत ने डेरा सच्चा सौदा के गुरमीत राम रहीम और 4 अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही राम रहीम पर 31 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। वहीं अदालत ने अन्य आरोपियों पर 50-50 हजार रुपए का अर्थदंड किया है। इससे पहले गुरमीत राम रहीम को साध्वियों से यौन शोषण के मामले में 20 साल की सजा हो चुकी है, जबकि पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में उम्रकैद की सजा अदालत सुना चुकी है। 
 
एक समय राम रहीम अपने अलग ही अंदाज के कारण पहचाना जाता था। देश-विदेश उसकी शोहरत थी। अपने अनुयायियों के बीच डेरा प्रमुख की पहचान एक संत, फकीर, धर्मगुरु, कलाकार, स्टंटमैन, गीतकार, संगीतकार, गायक, रॉक स्टार, प्रवचनकार के रूप में थी, लेकिन इस समय बाबा जेल में जीवन बिता रहा है। 
 
प्रारंभिक जीवन : गुरमीत राम रहीम सिंह का जन्म 15 अगस्त, 1967 को राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के गुरुसर मोदिया में जाट सिख परिवार में हुआ। महज 7 साल की उम्र में ही 31 मार्च, 1974 को तत्कालीन डेरा प्रमुख शाह सतनाम सिंह जी ने ये नाम दिया था। 23 सितंबर, 1990 को शाह सतनाम सिंह ने देशभर से अनुयायियों का सत्संग बुलाया और गुरमीत राम रहीम सिंह को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया।
 
अपने माता-पिता की इकलौती संतान गुरमीत राम रहीम की दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी चरणप्रीत और छोटी का नाम अमरप्रीत है, जबकि इन दो बेटियों के अलावा एक बेटी को गोद लिया है। गुरमीत राम रहीम के बेटे की शादी भठिंडा के पूर्व एमएलए हरमिंदर सिंह जस्सी की बेटी से हुई है। इनके सभी बच्चों की पढ़ाई डेरे की ओर से चल रहे स्कूल में हुई है। इनके दो दामाद रूहेमीत और डॉ. शम्मेमीत हैं।
 
कैसे बना डेरा प्रमुख : डेरा सच्चा सौदा की स्थापना शाह मस्ताना जी महाराज ने 1948 में सिरसा में की थी। डेरा सच्चा सौदा के दूसरे गुरु शाह सतनाम सिंह जी महाराज बने थे। शुरुआत में डेरा का प्रभाव हरियाणा के सिरसा, फतेहबाद, हिसार, सोनीपत, कैथल और पंजाब के मनसा, मुक्तसर और भठिंडा तक ही सीमित था, लेकिन 1990 में जब बाबा राम रहीम डेरा प्रमुख बने तो इसका विस्तार तेज हुआ।
 
'रॉक स्टार' बाबा : अपने अनुयायियों के बीच नाचते-गाते और झूम-झूमकर थिरकते बाबा राम रहीम का नाम यूं तो पिछले करीब दो दशकों से देश और विदेश में गूंज रहा है। यही कारण है कि अपने अनुयायियों के बीच संत होने के साथ उसकी छवि एक 'रॉक स्टार' की भी थी। किसी समय पंजाब और हरियाणा की राजनीति में डेरा को एक बड़ी ताकत माना जाता था। यही वजह थी कि ग्राम पंचायत से लेकर लोकसभा के चुनाव तक सभी दलों के नेता बाबा से समर्थन मांगने डेरा आते थे। 
 
बाबा राम रहीम से जुड़े विवाद : 2002 में बाबा पर अपने आश्रम की साध्वियों के साथ बलात्कार करने के आरोप लगे। सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और डेरा के पूर्व मैनेजर रणजीत सिंह की हत्या में भी बाबा राम रहीम का हाथ होने का आरोप लगा था। इन तीनों ही मामलों में डेरा प्रमुख को सजा सुनाई जा चुकी है। 
 
मैसेंजर ऑफ गॉड : डेरा प्रमुख अपनी फिल्म 'मैसेंजर ऑफ गॉड' को लेकर भी चर्चा में रहे। डेरा प्रमुख ने अपनी फिल्म का खुद ही निर्माण और संगीत तैयार किया है। दूसरी ओर डेरा प्रमुख पर 400 साधुओं को नपुंसक बनाने का मामला भी दर्ज है। डेरा में यह कहकर साधुओं को नपुंसक बनाया गया था कि नपुंसक बनाए जाने से वे लोग डेरा प्रमुख के जरिए प्रभु को महसूस कर सकेंगे। 
 
राम रहीम डेरे में बनी एक गुफानुमा जगह में रहता था, जहां उनके खास सेवादारों को ही अंदर जाने की इजाजत होती थी। यही नहीं गुफा में बाबा की सुरक्षा में 24 घंटे महिला सेवादार तैनात रहती थीं। 
 
 

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