Debate on Time Amendment Bill in Lok Sabha: लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा चल रही थी। जब अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का बोलने का नंबर आया तो उन्होंने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि जो पार्टी यह कहती है कि वह दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, अब तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाई है।
अखिलेश का इतना कहना हुआ कि केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपनी सीट पर खड़े हो गए और अखिलेश पर पलटवार करते हुए कहा कि मैं कह देता हूं कि आप अगले 25 साल तक अपनी पार्टी के अध्यक्ष हो। और कोई अध्यक्ष नहीं बन सकता। इस पर अखिलेश यादव ने मुस्कुराते हुए दोनों हाथ जोड़ लिए। इस पर अखिलेश के पीछे बैठीं उनकी सांसद पत्नी डिंपल यादव भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सकीं।
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और क्या कहा अखिलेश ने : यादव ने लोकसभा में कहा कि अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए सरकार वक्फ (संशोधन) विधेयक लाई और यह सत्तारूढ़ भाजपा का सियासी हठ है तथा उसकी सांप्रदायिक राजनीति का एक नया रूप है। अखिलेश ने नोटबंदी के केंद्र के फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि बहुत तैयारी के साथ आए थे, फैसला लिया था कि आधी रात के बाद नोट नहीं चलेंगे, लेकिन अभी भी कितनी जगह से कितना रुपया निकल रहा...।
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उन्होंने सवाल किया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने बेरोजगारी दूर करने, किसानों की आय दोगुनी करने के वादे किए थे, उनका क्या हुआ? उन्होंने कहा कि क्या गंगा नदी साफ हो गई, यमुना नदी साफ हो गई। क्या गोद लिए गए गांव गोद से उतार दिए गए? उनकी आज क्या दशा है? सपा प्रमुख ने कहा कि नाकामी का पर्दा इस बार बार वक्फ विधेयक बना है।
चीन ने गांव बसाए : उन्होंने कहा कि क्या रेलवे और रक्षा मंत्रालय की जमीन नहीं बेची जा रही? यादव ने कहा कि वक्फ की जमीन से बड़ा मुद्दा वह जमीन है जिस पर चीन ने अपने गांव बसा लिए हैं। लेकिन कोई भी इस बाहरी खतरे पर सवाल-बवाल न करे, इसलिए यह विधेयक लाया गया। अखिलेश ने कहा कि मंत्री जी (किरेन रीजीजू) उसी सीमावर्ती राज्य, अरुणाचल प्रदेश से आते हैं। वह बताएं कि कितनी जमीन पर चीन ने गांव बसा लिए हैं।
उन्होंने कहा कि वक्फ विधेयक भाजपा का सियासी हठ है और यह भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति का एक नया रूप है। सपा सांसद ने कहा कि वे चाहते हैं कि मुस्लिम समुदाय उद्वेलित हो और ध्रुवीकरण हो, ताकि वे इसका राजनीतिक लाभ उठा सकें। सपा सांसद ने दावा किया कि भाजपा मुसलमान भाइयों की जमीन चिह्नित करने की कोशिश कर रही है, ताकि महाकुंभ में मरने वाले या खो गए लोगों पर पर्दा पड़ जाए।
महाकुंभ में सबकी आस्था : उन्होंने कहा कि कुंभ में सबकी आस्था है, यह कोई पहली बार नहीं (आयोजित) हो रहा था, लेकिन भाजपा के लोगों ने यह प्रचार किया कि 144 वर्षों के बाद पहली बार ऐसा होने जा रहा, लोग निकल पड़े इसके लिए। उन्होंने उल्लेख किया कि वहां (उत्तर प्रदेश) की सरकार ने कहा था कि हमारी तैयारी 100 करोड़ लोगों के लिए है, लेकिन वे 30 लोग कौन थे जिनकी (महाकुंभ में) जान चली गई। सरकार बताए कि जो 1000 हिंदू (कुंभ मेले में) खो गए, जो अभी तक नहीं खोजे जा सके हैं, उसकी सूची कहां है?
अखिलेश ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना कहा कि वह 30 के आंकड़े में उलझे हुए हैं। उनसे पूछा गया कि (महाकुंभ मेले में) कितने का कारोबार हुआ तो उन्होंने 30 से गुना कर उसका आंकड़ा बताया था। सपा सांसद ने सवाल किया कि क्या कुंभ कारोबार की जगह है? (एजेंसी/वेबदुनिया)
Edited by: Vrijendra Singh Jhala