Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

सावधान! पाक गोलीबारी की आड़ में घुसपैठ कर सकते हैं सैकड़ों आतंकवादी

webdunia
  • facebook
  • twitter
  • whatsapp
share

सुरेश एस डुग्गर

बुधवार, 10 फ़रवरी 2021 (12:50 IST)
जम्मू। भारतीय सेना के साथ-साथ सीमांत नागरिकों के लिए आने वाले दिन मुश्किल भरे साबित हो सकते हैं। क्योंकि सेना खुद मान रही है कि उस पार से आतंकियों की घुसपैठ बढ़ सकती है। सेना के अनुसार, इन आतंकियों को इस ओर धकेलने के लिए पाक सेना गोले बरसाने की तैयारी कर रही है।
 
पाक सेना को इस बात की भी परवाह नहीं है कि पिछले साल 26 नवंबर को सीमाओं पर 17 साल पूरे करने वाला सीजफायर दांव पर लग सकता है। एलओसी के गर्माने के संकेत दोनों ओर से एलओसी से सटे बीसियों गांवों को किसी भी समय खाली करने के लिए तैयार रहने को दिए गए संकेतों से भी मिलते हैं।
सेनाधिकारियों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के नजदीक लॉन्च पैड्स पर  करीब 500 आतंकी घुसपैठ के इंतजार में हैं। उन्होंने कहा कि लगता नहीं है कि घुसपैठ की संभावना और आतंकियों के इरादों में कोई कमी आई है। हमें लगातार ऐसी जानकारियां मिल रही हैं कि एलओसी के पार सैकड़ों आतंकवादी मौजूद हैं।
 
सेनाधिकारियों ने कहा कि सेना के संयुक्त प्रयासों और घुसपैठ को रोकने के लिए हो रहे बहुस्तरीय प्रयासों की वजह से अभी तक आतंकिवादियों के मंसूबे सफल नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि हम सब एक साथ इस बात को दोहरा रहे हैं कि इस बार घुसपैठ के मामलों में कमी आई है और अगले साल तक ऐसी घटनाएं बिल्कुल समाप्त हो जाएंगी। यह सब हमारी घुसपैठ विरोधी गतिविधियों की वजह से संभव हुआ है।
 
सेनाधिकारियों ने आतंकवादियों की गतिविधियों के बारे में यह भी कहा कि उनके सभी प्रयास नाकाम किए जा रहे हैं और वो घुसपैठ में सफल नहीं हो रहे हैं। कई बार वे सिर्फ एलओसी के नजदीक आकर फायरिंग करते हैं और वापस चले जाते हैं।
लेकिन, सेना को डर इस बात का है कि पाक सेना आतंकियों को इस ओर धकेलने की खातिर उस सीजफायर को भी दांव पर लगा सकती है जो पिछले साल 26 नवंबर को 17 साल पूरे कर चुका है। डर की वजह यह है कि अक्सर यही देखने में आया है कि पाक सेना आतंकियों को धकेलने की खातिर हमेशा कवरिंग फायर रणनीति को ही अपनाती है।
 
बताया जा रहा है कि आतंकवाद को बल देने के लिए सीमा पार लांचिंग पैडों पर तैयार सैकड़ों आतंकियों को घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान सीमा पर कमजोर कड़ी तलाश रहा है। पड़ोसी देश ऊंचाई वाले इलाकों में पहाड़ी दर्रों से बर्फ के पिघलने का इंतजार शायद ही करे और वह उससे पहले ही घुसपैठ करवाने के लिए फिर दुस्साहस करेगा। सूत्रों के अनुसार, सेना व बीएसएफ के भारी दबाव के कारण अब सीमा पार से आतंकियों के छोटे दलों को घुसपैठ करवाने की कोशिशें हो रही हैं। बड़े दलों की घुसपैठ में अधिक नुकसान की संभावना रहती है।

Share this Story:
  • facebook
  • twitter
  • whatsapp

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

webdunia
Fact Check: क्या कपिल देव ने कहा ‘अमित शाह के बेटे के दबाव में किसानों के खिलाफ ट्वीट कर रहे भारतीय क्रिकेटर्स’? जानिए सच