Publish Date: Mon, 21 Jul 2025 (09:09 IST)
Updated Date: Mon, 21 Jul 2025 (09:15 IST)
देश में लव जिहाद और धर्मांतरण का घिनोने कारोबार की खबरें अब आम हो गई हैं। अब उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक बड़े अवैध धर्मांतरण नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों के मुताबिक इस गैंग ने कथित तौर पर 97 महिलाओं को अपने जाल में फंसाया। ये महिलाएं अब लापता बताई जा रही हैं। देश में कई जगह हो रहे इन पर्दाफाश में कई मुस्लिम संगठनों के नाम सामने आ रहे हैं।
यह सनसनीखेज खुलासा तब हुआ जब आगरा से उमर गौतम को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि उमर गौतम ने अलीगढ़ में भी धर्मांतरण का नेटवर्क फैला रखा था। अलीगढ़ के सदर थाने में दो सगी बहनों (33 और 18 वर्ष) के लापता होने की शिकायत मार्च 2025 में दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पुलिस को सोशल मीडिया पर एक बहन की तस्वीर मिली, जिसमें वह एके-47 के साथ नजर आई। इस तस्वीर ने जांच को नया मोड़ दिया और अवैध धर्मांतरण के एक संगठित नेटवर्क का सुराग मिला। दोनों बहनों का कथित तौर पर जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया और उन्हें कोलकाता की एक मुस्लिम बाहुल्य बस्ती में छिपाया गया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गैंग सोशल मीडिया, डार्क वेब, और विभिन्न मोबाइल ऐप्स के माध्यम से युवतियों को निशाना बनाता था। गैंग के सदस्य पहले युवतियों को प्रेम जाल में फंसाते, फिर उनका ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करते थे। इस नेटवर्क का संचालन इतना गुप्त था कि पुलिस की विभिन्न टीमें भी एक-दूसरे की गतिविधियों से अनजान थीं। गैंग के तार कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठनों जैसे पीएफआई, सिमी, और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। इसके अलावा, कनाडा, अमेरिका, लंदन, और दुबई से भारी मात्रा में फंडिंग की मनी ट्रेल भी सामने आई है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने बताया कि इस गैंग ने सैकड़ों लोगों का अवैध धर्मांतरण कराया है। गैंग के सदस्यों में आयशा (मूल नाम एसबी कृष्णा, ओडिशा), अली हसन उर्फ शेखर राय (कोलकाता), और मोहम्मद अली (जयपुर) जैसे लोग शामिल हैं, जिन्हें छह राज्यों से गिरफ्तार किया गया है। आयशा पर विदेशों से फंडिंग जुटाने और गैंग को पैसे बांटने का आरोप है, जबकि अली हसन बड़े लोगों से संपर्क स्थापित करता था।
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से 97 महिलाएं लापता हैं, जिनके इस धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। इनमें से कई महिलाओं को बहला-फुसलाकर या जबरन धर्म परिवर्तन के लिए ले जाया गया। कुछ मामलों में, महिलाओं को निकाह के लिए मजबूर किया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं भी सामने आई हैं। खुफिया एजेंसियां अब इन महिलाओं का पता लगाने और उनके परिवारों को न्याय दिलाने के लिए गहन जांच कर रही हैं।
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध धर्मांतरण के खिलाफ “मिशन अस्मिता” चलाया है। इस अभियान के तहत आगरा पुलिस ने सात विशेष टीमें गठित कीं, जिन्होंने कोलकाता, जम्मू-कश्मीर, गोवा, राजस्थान, दिल्ली, और उत्तराखंड में छापेमारी कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें एक महिला भी शामिल है।
Edited By: Navin Rangiyal