Publish Date: Thu, 03 Sep 2020 (22:17 IST)
Updated Date: Thu, 03 Sep 2020 (22:21 IST)
नई दिल्ली। भारत 30 नवंबर को एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा जिसमें प्रभावशाली समूह के व्यापार और आर्थिक एजेंडे में योगदान करने पर जोर दिया जाएगा। भारत 8 देशों के क्षेत्रीय समूह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के साथ अपना सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करता रहा है।विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
यह संगठन दुनिया की कुल आबादी के करीब 42 प्रतिशत और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 20 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) विकास स्वरूप ने बुधवार को कहा कि एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की भारत की अध्यक्षता 2020 के दौरान 30 नवंबर को शिखर सम्मेलन में समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि व्यापार और आर्थिक एजेंडा बैठक का मुख्य विषय होगा।
उन्होंने भारत और एससीओ के बीच के संबंधों पर एक ऑनलाइन संगोष्ठी में कहा कि संगठन द्वारा क्षेत्रीय तालमेल के निर्माण में किए गए प्रयास साझा सुरक्षा चुनौतियों को संबोधित करने तथा दीर्घकालिक आर्थिक और ऊर्जा संबंध बनाने में परिलक्षित होते हैं।
भारत 2005 से एससीओ में एक पर्यवेक्षक था और 2017 में इसका पूर्ण सदस्य बना। भारत संसाधनों से संपन्न मध्य एशियाई देशों तक पहुंच प्राप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे जैसी संपर्क परियोजनाओं पर जोर देता रहा है।
स्वरूप ने कहा कि संगठन के साथ भारत के एक दशक से अधिक समय से जुड़ाव इस क्षेत्रीय समूह में अधिक सार्थक भूमिका निभाने की उसकी इच्छा को रेखांकित करता है।(भाषा)