Publish Date: Thu, 11 Dec 2025 (11:18 IST)
Updated Date: Thu, 11 Dec 2025 (11:24 IST)
Indigo Crisis : इंडिगो के उड़ान संकट ने कंपनी का हाल बेहाल कर दिया है। टिकट रिफंड में उसके सैकड़ों करोड़ रुपए लग गए। निवेशकों की दिलचस्पी घटने के उसके शेयरों में भारी गिरावट आई। टिकट केंसेलेशन और शेयरों में भारी गिरावट से कुछ ही दिनों में कंपनी को 5 अरब डॉलर का घाटा हो गया। विमान सेवाएं चरमराने से यात्रियों के साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट से लेकर डीजीसीए तक सभी उससे नाराज है। कंपनी की ब्रांड वैल्यू भी काफी प्रभावित हुई है।
इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन का मार्केट कैप लगातार लुढ़क रहा है। कंपनी को अब तक 5 अरब डॉलर का घाटा हो चुका है। यहां तक कि कंपनी के फाउंडर और प्रमोटर राहुल भाटिया की नेटवर्थ में भी डेढ़ अरब डॉलर की भारी गिरावट आई है।
ब्रोकरेज कंपनी जेफरीज के अनुसार, इंडिगो का कम खर्चे में ज्यादा से ज्यादा उड़ान भरने का तरीका, नए पायलट रेस्ट नियमों से ध्वस्त हो गया। ऐसा इसलिए क्योंकि अब एयरलाइन वीकली ऑफ को लीव से बदलकर पायलटों को लगातार उड़ाने का दबाव भी दे सकती। ऊपर से क्रू की सैलरी भी बहुत बढ़ गई है और रुपया कमजोर होने से विदेशी खर्चे का बोझ भी भारी पड़ रहा है। मतलब इंडिगो तीन तरफ से घिर चुकी है।
Moodys ने भी उड़ानों के कैंसिलेशन और देरी को क्रेडिट नेगेटिव बताया है। कंपनी चेतावनी दी कि रिफंड, मुआवज़े और DGCA की संभावित पेनल्टी से एयरलाइन को रेवेन्यू को नुकसान झेलना पड़ सकता है। इस वजह से निवेशकों में एयरलाइन के शेयरों को बेचने की होड़ मची है।
उड़ानें भी घटी : इंडिगो ने हजारों उड़ानें रद्द होने के बाद उसकी उड़ानों की संख्या में 10 प्रतिशत कटौती किए जाने के बाद अपनी संशोधित शीतकालीन समय-सारिणी विमानन नियामक डीजीसीए को सौंप दी है।
edited by : Nrapendra Gupta
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