Publish Date: Thu, 09 Dec 2021 (10:28 IST)
Updated Date: Thu, 09 Dec 2021 (10:39 IST)
तमिलनाडु में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में CDS जनरल बिपिन रावत समेत 13 लोगों का निधन हो गया। जनरल रावत ने देश में इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड बनाने का सपना देखा था जो जल्द ही पूरा भी हो जाएगा। जानिए क्या है इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड और क्यों है यह देश के लिए जरूरी...
इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड क्या हैं?
इस वक्त आर्मी की 7 कमांड, एयरफोर्स की 7 कमांड और नेवी की 3 कमांड है। इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड एक संघटित कमांड होगी जिसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना मिलकर बेहतर समन्वय के साथ काम करेंगी। इन सभी 17 कमांडों को मिलाकर 4 कमांड तैयार की जाएगी। अमेरिका, चीन सहित दुनिया के कई देशों में थिएटर कमांड काम कर रही है।
कहां तक पहुंची प्रक्रिया?
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने सेना, नौसेना और वायु सेना के उप प्रमुखों और गृह और वित्त मंत्रालयों, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, एकीकृत रक्षा स्टाफ और रक्षा विभाग के प्रतिनिधियों के साथ इस मामले में कई बैठकें की। नए थिएटर कमांड में थल सेना, नौसेना, और वायु सेना एक साथ काम करेगी। सैन्य विभाग (DMA) ने तीनों सैन्य सेवाओं को ढांचा गठन के लिए स्टडी करने और अगले साल अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
तीन सितारा अधिकारी करेगा कमांड का नेतृत्व
जनवरी 2020 को जनरल रावत ने अपने तीन साल के कार्यकाल के भीतर कमानों को बढ़ाने के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया था और इस प्रस्ताव को डिजाइन करने का विचार भी किया। बता दें कि अधिकारी अब सुझाव दे रहे हैं कि इस साल के अंत तक कुछ नए कमांड को रोल आउट किया जा सकता है। 4 त्रि-सेवा थिएटर कमांड वाले इस मॉडल पर चर्चा हो रही है, जिसमें प्रत्येक कमांड का नेतृत्व तीन सितारा अधिकारी करेगा। थिएटर कमांडर, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (COSC) को रिपोर्ट करेगा, इसमें तीनों सेना प्रमुख शामिल हैं, और इसके स्थायी अध्यक्ष CDS होंगे।
क्या होगा फायदा?
तालमेल और संसाधनों के और बेहतर इस्तेमाल होने के लिए थिएटर कमांड की जरूरत बन गई है। अगर थिएटर कमांड बना जाता है तो इससे बेहतर समन्वय बनेगा, प्लानिंग अच्छे से होगी। लागत में कमी आएगी और तीनों फोर्स के संसाधनों का इस्तेमाल होगा।