Publish Date: Sun, 24 Sep 2017 (08:57 IST)
Updated Date: Sun, 24 Sep 2017 (09:40 IST)
नई दिल्ली। आईआरसीटीसी ने रेल टिकट बुकिंग के लिए एसबीआई समेत छह बैंकों के कार्ड को प्रतिबंधित किए जाने के संबंध में मीडिया में आई खबरों का खंडन किया है।
आरईआरसीटीसी का कहना है कि उसने आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, सिटी बैंक, एक्सिस बैंक,पेटीएम, पेयू और इट्ज कैश के घरेलू डेबिट और क्रेडिट कार्ड की स्वीकार्यता के लिए अपनी वेबसाइट पर सात पेमेंट गेटवे स्थापित किए हैं।
एमेक्स कार्ड के लिए पेंमेंट गेटवे अमेरिकन एक्सप्रेस बैंक और रूपे कार्ड के लिए कोटक बैंक पेमेंट गेटवे है। अंतरराष्ट्रीय डेबिट और क्रेडिट कार्ड स्वीकार करने के लिए एटम का पेंमेंट गेटवे है। मास्टर और वीजा के किसी भी भारतीय बैंक के डेबिट और क्रेडिट कार्ड को इन सभी सात पेंमेंट गेटवे पर स्वीकार किया जाता है। इन सभी गेटवे पर किसी भी बैंक के कार्ड को प्रतिबंधित नहीं किया गया है।
इसके अलावा आईआरसीटीसी त्वरित लेनदेन और वापसी के लिए कुछ बैंकों को वैल्यूएडेड सर्विस 'डायरेक्ट डेबिट कार्ड इंट्रीग्रेशन' भी देता है। इस सर्विस को प्रदान करने में खर्च आता है जिसके लिए आईआरसीटीसी ने इन बैंकों को लेन-देन का कुछ हिस्सा आईआरसीटीसी को देने के लिए कहा।
इसके बाद आईआरसीटीसी ने लेन-देन शुल्क में अपना हिस्सा लेना बंद करते हुए इन बैंकों को यह लाभ रेल टिकट बुक कराने वाले उपभोक्ता को देने के लिए कहा।
आईआरसीटीसी का यह भी कहना है कि बैंकों को लेन-देन शुल्क लेने में रिजर्व बैंक के दिशा निर्देश का पालन करना चाहिए। बैंकों को डेबिट कार्ड के जरिये 1000 रुपए तक की लेनदेन पर 0.25 प्रतिशत और 1,000 से 2,000 रुपए तक की लेनदेन पर 0.50 रुपए प्रतिशत का शुल्क लेना चाहिए। विश्लेषण से यह पाया गया है कि कुल बुक ई टिकट में 66 फीसदी हिस्सा 1,000 रुपए से कम के टिकट का होता है।
इसके अलावा अगर बैंक ई- टिकट बुक कराने वाले उपभोक्ता को अगर लेन-देन शुल्क से पूरी तरह छूट देना चाहते हैं तो आईआरसीटी उन्हें डायरेक्ट डेबिट कार्ड इंट्रीग्रेशन की सुविधा देगी। (वार्ता)