Hanuman Chalisa

राज्‍य का दर्जा पाने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा जम्‍मू

सुरेश एस डुग्गर
शनिवार, 19 अक्टूबर 2024 (21:31 IST)
Jammu Kashmir News : राज्‍य का दर्जा पाने की दिशा में जम्‍मू-कश्‍मीर एक और कदम आगे बढ़ गया है क्‍योंकि जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार की कैबिनेट ने जिस प्रस्‍ताव को पारित किया था उसे अब उपराज्‍यपाल ने अपनी मंजूरी देकर केंद्र को भेज दिया है।

यह सच में कश्‍मीर की जनता के लिए दिवाली के तोहफे की तरह है कि क्‍योंकि जम्‍मू-कश्‍मीर मंत्रिमंडल द्वारा पारित प्रस्ताव, जिसमें केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने का आग्रह किया गया था, को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंजूरी दे दी है।
ALSO READ: काउंटिंग से पहले जम्‍मू कश्‍मीर में मनोनीत विधायकों के मुद्दे पर क्यों मचा बवाल?
मंत्रिमंडल की बैठक गुरुवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई थी और पहली बैठक से पहले एजेंडा नंबर एक विषय के रूप में राज्य के दर्जे को अपने मूल स्वरूप में बहाल करने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया था।

इसके बाद, इसे सिन्हा के पास उनकी मंजूरी के लिए भेजा गया था। केंद्र शासित प्रदेश में प्रक्रिया के अनुसार सभी कैबिनेट नोट मंजूरी के लिए एलजी को भेजे जाते हैं। शनिवार को जारी एक सरकारी बयान में कहा गया, राज्य का दर्जा बहाल करना एक उपचार प्रक्रिया की शुरुआत होगी, संवैधानिक अधिकारों को पुनः प्राप्त करना और जम्मू-कश्मीर के लोगों की पहचान की रक्षा करना।
ALSO READ: तुर्किए के राष्‍ट्रपति का पाकिस्‍तान को बड़ा झटका, UN में नहीं उठाया कश्‍मीर मुद्दा, क्‍या यह भारत की जीत है
इसके अतिरिक्त, मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री को राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए प्रधानमंत्री और भारत सरकार के साथ मामला उठाने के लिए अधिकृत किया है। सरकार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की विशिष्ट पहचान और लोगों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा नव निर्वाचित सरकार की नीति की आधारशिला है। हालांकि उमर अब्दुल्ला सरकार अनुच्छेद 370 को हटाने के बजाय राज्य के दर्जे पर प्रस्ताव लाने और इसे कैबिनेट के माध्यम से पारित करने के लिए विपक्ष की आलोचना का शिकार हुई है।

राजनीतिक पंडितों के अनुसार, अनुच्छेद 370 विधायिका के अधिकार क्षेत्र में आता है, जबकि राज्य का दर्जा सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसलिए राज्य के दर्जे का प्रस्ताव पहले आया है। राजभवन से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री इस संबंध में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों से मिलने के लिए आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजधानी का दौरा करेंगे।
ALSO READ: PM मोदी से मिले कश्‍मीर के उद्यमी, बोले- मोदी की गारंटी जैसे हैं हमारे उत्‍पाद...
कैबिनेट ने 4 नवंबर को श्रीनगर में विधानसभा बुलाने का भी फैसला किया और एलजी को इसे संबोधित करने की सलाह दी। पहले सत्र की शुरुआत में उपराज्यपाल द्वारा विधानसभा को संबोधित करने का मसौदा भी मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा गया, जिस पर परिषद ने आगे विचार करने और चर्चा करने का फैसला किया। परिषद ने मुबारिक गुल को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करने के लिए एलजी को एक सिफारिश भी की, जो 21 अक्टूबर को निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाएंगे।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद गरमाई राजनीति, शुभेंदु सरकार पर भड़के ममता और विपक्षी, आरोपों पर क्‍या बोली भाजपा?

दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता, आतंकी साजिश का भंडाफोड़, ISI के 9 एजेंट गिरफ्तार, हथियार और विस्फोटक बरामद

बिहार में बंगले पर बवाल, राबड़ी बोलीं- बुला लो फोर्स नहीं करेंगे बंगला खाली

45°C तापमान होगा न्यू नॉर्मल? UN की रिपोर्ट ने क्यों बढ़ाई दुनिया, खासकर भारत की टेंशन

'त्याग' के बदले पूर्व CM सिद्धारमैया ने कांग्रेस हाईकमान से क्या मांग लिया?

सभी देखें

नवीनतम

PM Modi Mann Ki Baat 134th episode : देश के एथलीट रिकॉर्ड बना रहे, पीएम मोदी ने 'मन की बात' में की गुरिंदरवीर की चर्चा

जनरल एनएस राजा सुब्रमणि बने भारत के नए CDS, थिएटराइजेशन और सैन्य सुधारों की बड़ी जिम्मेदारी

Strait of Hormuz खुलने पर भी तुरंत नहीं घटेंगी तेल की कीमतें, क्या हैं चुनौतियां, दुनिया पर क्या पड़ेगा असर

मोदी सरकार के 12 साल पूरे, 5 जून से 21 जून तक देशभर में चलेगा भाजपा का मेगा जनसंपर्क अभियान

धामी सरकार के विकास कार्यों से प्रभावित हुए BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बोले- 2027 में उत्तराखंड में तीसरी बार बनेगी सरकार

अगला लेख