केदारनाथ धाम के कपाट खुले, पीएम मोदी की ओर से हुई पहली पूजा

Webdunia
बुधवार, 29 अप्रैल 2020 (09:40 IST)
देहरादून। उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल हिमालय में स्थित विश्वप्रसिद्ध बाबा केदारनाथ के धाम के कपाट 6 माह बंद रहने के बाद बुधवार प्रात: खोल दिए गए। इसके बाद प्रथम पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई।
 
ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ भगवान के कपाट मेष लग्न, पुनर्वसु नक्षत्र में प्रातःछह बज कर 10 मिनट पर विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना के बाद खोले गए। इस अवसर पर मंदिर को10 क्विंटल फूलों से सजाया गया था।
 
कोरोना वायरस संकट के चलते रूद्रप्रयाग जिले में स्थित मंदिर के कपाट खुलने के अवसर पर केवल मुख्य पुजारी, मंदिर समिति के पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी ही मौजूद रहे और इस दौरान सामाजिक दूरी सहित सभी प्रकार के नियमों का पालन किया गया।
 
महामारी के कारण आम श्रद्धालुओं को कपाट खोले जाने के समारोह से दूर रखा गया। सरकारी परामर्श के तहत अभी चार धामों की यात्रा पर रोक है। अभी केवल कपाट खोले गए हैं ताकि पुजारी अपने स्तर पर नित्य पूजाएं संपन्न करा सकें।
 
इससे पहले, 26 अप्रैल को अक्षयतृतीया पर उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट खोल दिए गए थे। चमोली में बदरीनाथ धाम के कपाट 15 मई को खुलेंगे।
 
गढ़वाल हिमालय के चारधाम के नाम से प्रसिद्ध इन मंदिरों को सर्दियों में भीषण ठंड और भारी बर्फबारी की चपेट में रहने के कारण हर साल अक्टूबर-नवंबर में बंद कर दिया जाता है और फिर अप्रैल-मई में दोबारा खोला जाता है। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

Gold : सोना होने वाला है सस्ता, जानिए किन कारणों से गिर सकते हैं दाम

ईदगाह और हामिद का चिमटा... Waqf की बहस में क्यों हुआ प्रेमचंद की इस कहानी का जिक्र?

बला की खूबसूरत हैं थाईलैंड की 38 साल की प्रधानमंत्री, PM मोदी के साथ सोशल मीडिया पर फोटो वायरल

EPFO क्लेम प्रोसेस को सरकार ने बनाया और भी आसान, इन परेशानियों से मिलेगी मुक्ति

क्या बदलेगा वक्फ कानून को लेकर, 8 पॉइंट्‍स से समझिए

सभी देखें

नवीनतम

क्या है Chicken Neck Corridor, भारत- बांग्लादेश विवाद के बीच क्‍या चीन कर सकता है इसके जरिए भारत की घेराबंदी?

श्रीराम जन्मभूमि का मुख्य मंदिर व परकोटे के 6 मंदिर बनकर तैयार

वर्जिन अटलांटिक के 250 से अधिक यात्री 40 घंटे से अधिक समय से तुर्किये में फंसे

Supreme Court का चुनावी बॉण्ड से प्राप्त धन को जब्त करने के खिलाफ फैसले पर पुनर्विचार से इंकार

अमिताभ कांत बोले, भारत को पश्चिम का प्रौद्योगिकी उपनिवेश नहीं बनना चाहिए

अगला लेख