CBI बनाम ममता बनर्जी : क्यों प. बंगाल में केंद्र से भिड़ गई हैं ममता बनर्जी, जानें पूरा मामला सिर्फ 2 मिनट में...

सोमवार, 4 फ़रवरी 2019 (13:24 IST)
पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शारदा चिटफंड और रोज वैली घोटाला मामले में कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार का नाम भी सामने आने के बाद सीबीआई और कोलकाता पुलिस आमने-सामने हैं। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी मोदी सरकार के खिलाफ 'संविधान बचाओ' धरने पर बैठ गई हैं। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरे मामले में केंद्र सरकार की साजिश का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में जंग मची हुई है। सीबीआई ने राजीव कुमार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होनी है। इस मामले को लेकर विपक्ष ने भी खूब हंगामा किया।


पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस पूरे मामले में केंद्र सरकार की साजिश का आरोप लगाते हुए रविवार रात 8 बजे से ही धरने पर बैठी हैं, वहीं दूसरी ओर सीबीआई दफ्तर और अधिकारियों के घर पर सीआरपीएफ को तैनात किया गया है। इस मामले में केंद्र सरकार के खिलाफ ममता बनर्जी के समर्थन में कई दल आ गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी ममता बनर्जी का समर्थन किया है।
 
ममता के समर्थन में दिल्ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव कोलकाता पहुंच गए हैं, हालांकि अभी वे धरना स्थल पर नहीं पहुंचे हैं। शारदा चिटफंड स्कैम में कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के खिलाफ सीबीआई की तरफ से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने सीबीआई से पूछा कि इस मामले की सुनवाई की इतनी जल्दी क्या है?
 
सीजेआई ने कहा कि इस मामले की सुनवाई मंगलवार को होगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर पुलिस सबूतों को नष्ट करने की कोशिश करती है, तो सुप्रीम कोर्ट उनके खिलाफ कुछ ऐसे फैसले लेगा, जिसके बाद कोलकाता पुलिस को अफसोस होगा। दरअसल सीबीआई और केंद्र की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की थी। मेहता का दावा था कि कोलकाता पुलिस शारदा चिट फंड मामले से जुड़े सबूतों को नष्ट कर सकती है।
 
इस पर कोर्ट ने कहा कि अगर पुलिस सबूतों को नष्ट करने की कोशिश करती है, तो सुप्रीम कोर्ट उनके खिलाफ कुछ ऐसे फैसले लेगा, जिसके बाद कोलकाता पुलिस को अफसोस होगा। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के तुरंत सरेंडर की मांग की।

गृह मंत्रालय ने ममता सरकार से मांगी रिपोर्ट : कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से रविवार को पूछताछ करने गई केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम के अधिकारियों और राज्य पुलिस के बीच हुए विवाद पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
 
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम में राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी से बातचीत कर मामले की जानकारी ली है। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसियों के अधिकारियों के काम में कथित रूप से बाधा पहुंचाने वाले भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की भूमिका पर मंत्रालय ने रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों के मुताबिक कोलकाता में कल के घटनाक्रम में इन अधिकारियों की भूमिका सेवा-शर्तों और नियमावली का उल्लघंन है।

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