Publish Date: Mon, 10 Aug 2020 (12:58 IST)
Updated Date: Mon, 10 Aug 2020 (13:03 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अंडमान-निकोबार द्वीप समूह को देश की मुख्य भूमि के साथ तीव्र गति के ऑप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ने की परियोजना का उद्घाटन करते हुए देश में जलमार्गों और बंदरगाहों के नेटवर्क को मजबूत और व्यापक बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज भारत खुद को वैश्विक विनिर्माण, वैश्विक आपूर्ति और मूल्य श्रृंखला के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने में जुटा है।
प्रधानमंत्री ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के साथ बेहतर संचार सुविधा स्थापित करने के लिए चेन्नई और पोर्ट ब्लेयर के बीच समुद्र के भीतर बिछाए गए ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) का उद्घाटन करने के मौके पर यह बात कही। यह परियोजना 1,224 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने ही 30 दिसंबर 2018 को परियाजना का शिलान्यास किया था।
मोदी ने कहा कि भारत आज हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में व्यापार, कारोबार और सहयोग की नई नीति पर चल रहा है, तब अंडमान-निकोबार सहित हमारे तमाम द्वीपों का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज जब भारत आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, खुद को वैश्विक विनिर्माण केंद्र, वैश्विक आपूर्ति और मूल्य श्रृंखला के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण देश के रूप में स्थापित करने में जुटा है, तब जलमार्गों और बंदरगाहों के नेटवर्क को मजबूत बनाने की जरूरत है।
गहरे समुद्र की तलहटी में बिछाई गई करीब 2,300 किलोमीटर लंबी यह केबल पोर्ट ब्लेयर के साथ ही क्षेत्र के अन्य द्वीपों, स्वराज दीप (हैवलॉक), लिटिल अंडमान, कार निकोबार, कामोरता, ग्रेट निकोबार, लॉन्ग आईलैंड और रंगट को भी इस ब्रॉडबैंड सुविधा से जोड़ेगा। इससे अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में मोबाइल और लैंडलाइन दूरसंचार सेवाएं बेहतर और भरोसेमंद होंगी। इसके साथ ही तीव्र गति की संचार सेवाओं से राजकाज के काम में मदद मिलेगी। पर्यटन और सूचना प्रौद्योगिकी को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अंडमान-निकोबार में आज जितनी भी आधुनिक ढांचागत सुविधाएं तैयार हो रही हैं, वे समुद्री क्षेत्र से जुड़ी अर्थव्यवस्था को गति देंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अंडमान-निकोबार बंदरगाह से जुड़ीं गतिविधियों के विकास के केंद्र के रूप में विकसित होने वाला है। अंडमान-निकोबार दुनिया के कई बंदरगाहों से प्रतिस्पर्धी रूप से काफी करीब स्थित है।
उन्होंने कहा कि उत्तरी और मध्य अंडमान के बीच सड़क संपर्क सुविधा को मजबूत करने के लिए 2 बड़े पुल और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-4 के चौड़ीकरण पर तेजी से काम हो रहा है। पोर्ट ब्लेयर एयरपोर्ट में एकसाथ 1,200 यात्रियों के आवागमन की क्षमता आने वाले कुछ महीनों में बनकर तैयार हो जाएगी।
मोदी ने कहा कि इन सबसे अंडमान के लोगों का जीवन आसान होगा। मुझे उम्मीद है कि हमारे मौजूदा प्रयास इस दशक में अंडमान-निकोबार को वहां के लोगों को न सिर्फ नई सहूलियत देंगे बल्कि विश्व पर्यावरण पटल पर प्रमुख स्थान के तौर पर स्थापित भी करेंगे। (भाषा)
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Publish Date: Mon, 10 Aug 2020 (12:58 IST)
Updated Date: Mon, 10 Aug 2020 (13:03 IST)