Publish Date: Tue, 21 Nov 2017 (23:33 IST)
Updated Date: Tue, 21 Nov 2017 (23:37 IST)
नई दिल्ली। देश में मुस्लिम महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में लिखे जा रहे नए अध्याय के तहत आजादी के बाद पहली बार वे अब अकेले हज यात्रा पर जा रही हैं और इसे लेकर उनमें इतना जबर्दस्त उत्साह है कि मात्र एक हफ्ते के भीतर 88 महिलाओं ने अकेले जाने के लिए आवेदन भी कर दिया है।
केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया कि पहले मुस्लिम महिलाएं 'महरम' यानी शौहर, पिता, सगे भाई या बेटे के साथ ही हज पर जातीं थीं, लेकिन पहली बार उन्हें अकेले यात्रा की अनुमति दी गई है। अब 45 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं चार-चार के समूह में अकेले हज करने जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन महिलाओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखेगी।
नकवी ने बताया कि अकेले जाने को लेकर महिलाओं मे जबर्दस्त उत्साह है। 7 नवंबर से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से 88 महिलाओं ने अकेले जाने के लिए आवेदन भरा है जिनमें से अधिकांश मंजूर भी हो गए हैं। (वार्ता)