शिव प्रतिमा के अनावरण पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी का विरोध

Webdunia
शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2017 (23:06 IST)
कोयंबतूर (तमिलनाडु)। योग की प्राचीन भारतीय विद्या की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्रकृति के संरक्षण के प्रयासों का आह्वान किया और कहा कि मानव गतिविधियों को इस तरह ढालना चाहिए ताकि वे पारस्थितिकीय परिवेश के अनुकूल हो सकें।
मोदी ने विविधता में एकता को भारतीय संस्कृति की विशेषता और मजबूती करार दिया। यहां ईशा योग फाउंडेशन में ‘आदियोगी’ भगवान शिव की 112 फुट ऊँची आवक्ष प्रतिमा का अनावरण करने के बाद एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि यह (महाशिवरात्रि का पर्व) सतर्कता की इस भावना को दर्शाता है कि हमें प्रकृति का संरक्षण करना है और अपनी गतिविधियों को इस तरह ढालना है ताकि वे पारस्थितिकीय परिवेश के अनुकूल हो सकें। 
 
शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की जरूरत बताते हुए मोदी ने कहा कि भगवान शिव हर जगह हैं। उन्होंने भगवान शिव के वाहन बैल और शिव के पुत्र गणपति एवं कार्तिक के वाहन मोर और चूहे का जिक्र किया। उन्होंने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का महत्व बताने के लिए शिव की गर्दन में लिपटे वासुकी नाम के जहरीले सांप का भी जिक्र किया।
 
मोदी ने लोगों से कहा कि वे एकजुट रहें, क्योंकि विविधता में एकता भारतीय संस्कृति की विशेषता है। योग की प्राचीन विद्या की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि ‘योग करने से एकात्मक की भावना पैदा होती है। मस्तिष्क, शरीर एवं बुद्धिमता के एकात्म, हमारे परिवारों और समाजों का एकात्म, साथ रहने वाले मनुष्यों, पशु-पक्षियों और वृक्षों के साथ एकात्म। 
 
इस बीच, विभिन्न संगठनों के करीब 500 लोगों को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया गया जब उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान उनके खिलाफ प्रदर्शन करने की कोशिश की। पुलिस ने कहा कि मोदी जब एक हेलीकॉप्टर से प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में जा रहे थे उस वक्त कुछ प्रदर्शनकारियों ने काले गुब्बारे भी हवा में छोड़े।
 
प्रदर्शनकारियों ने प्रतिमा के निर्माण के लिए आदिवासियों की जमीन कथित तौर पर अतिक्रमित करने के लिए ईशा योग के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने और किसानों के हितों की रक्षा नहीं करने को लेकर मोदी के खिलाफ नारेबाजी भी की। यहां एक तहसीलदार कार्यालय के सामने किए गए प्रदर्शन में उन्होंने केरल द्वारा भवानी नदी पर चेक डैमों का निर्माण कार्य रोकने की खातिर केंद्र के दखल की मांग भी की।
 
द्रविड़ कड़गम, टीपीडीके, टीएमसी, एमडीएमके, वीसीके, आरवाईएफ, एसडीपीआई और फेडरेशन ऑफ तमिलनाडु फार्मर्स असोसिएशन सहित कई संगठनों के करीब 500 कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया । पुलिस ने कहा कि इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। (भाषा)
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