Publish Date: Wed, 07 May 2025 (13:06 IST)
Updated Date: Wed, 07 May 2025 (17:23 IST)
व्योमिका सिंह वायुसेना में विंग कमांडर हैं। वह बचपन से ही पायलट बनना चाहती थीं और अपने सपनों को हकीकत में बदलते हुए उन्होंने खुद को देश की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने यूएपएससी के जरिए एयरफोर्स में एंट्री ली और फिर हेलिकॉप्टर पायलट बन गईं। उन्होंने अपने साहस, समर्पण और नेतृत्व क्षमता से भारतीय वायुसेना में एक अलग पहचान बनाई है।
व्योमिका के पति भी भारतीय वायु सेना में पायलट हैं। उन्होंने 2023 में एक निजी चैनल द्वारा आयोजित पैनल चर्चा के दौरान कहा था कि कैसे उनका नाम-व्योमिका, पायलट बनने की उनकी नियति में सहयोगी रहा।
व्योमिका ने बताया, मैं कक्षा-6 में थी तभी एक यूरेका क्षण आया। मुझे लगा कि मैं पायलट बनना चाहती हूं और आसमान में उड़ान भरना चाहती हूं। हम नामों के अर्थ को लेकर कक्षा में चर्चा कर रहे थे। तभी कोई चिल्लाया कि तुम व्योमिका हो, जिसका अर्थ है व्योम (आकाश) तुम्हारा है। उसी दिन से मैं पायलट बनना चाहती थी। यह 1990 के दशक की शुरुआत की बात है।
18 दिसंबर 2004 को भारतीय वायुसेना में कमीशन हुईं व्योमिका सशस्त्र बलों में शामिल होने वाली अपनी परिवार की पहली सदस्य है। भारतीय वायुसेना में उन्होंने हेलिकॉप्टर पायलट के रूप में कमीशन प्राप्त किया और 18 दिसंबर 2019 को उन्हें फ्लाइंग ब्रांच में परमानेंट कमीशन मिला।
गुजरात के वडोदरा में जन्मीं कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर तैनात हैं। सोफिया के परिवार में कई लोग सेना से जुड़े हैं। उनके पति मेजर ताजुद्दीन कुरैशी मैकेनाइज्ड इंफैंट्री में अधिकारी है। वहीं दादा भी सेना से रिटायर्ड हुए हैं।
1999 में सेना में शामिल हुई सोफिया वर्ष 2006 में कांगो में संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना मिशन में सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में सेवा दी थी। सोफिया ने 2016 में पुणे में बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना की टुकड़ी की कमान संभाल चुकी है। इस अभ्यास में अमेरिका, चीन, रूस, जापान समेत कई देश शामिल थे।
edited by : Nrapendra Gupta