स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण, हाईलाइट्स

गुरुवार, 15 अगस्त 2019 (07:24 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से लगातार छठी बार देश को संबोधित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के भाषण से जुड़ी हर जानकारी...

- लाल किले की प्राचीर पर पीएम मोदी ने फहराया तिरंगा। 
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन की बधाई दी।
-आमतौर पर हमने दुकानों पर लिखा देखा है कि आज नकद, कल उधार, लेकिन अब हमें लिखना होगा कि डिजिटल पेमेंट को हां, नकद को ना। 
-दुकानदार प्लास्टिक की थैलियां न देने का संकल्प लें। दुकान के बाहर बोर्ड लगाएं। 
-इसके खिलाफ 2 अक्टूबर से चलेगा खास अभियान। 
-लकी कल के लिए लोकल का अभियान चलाएं। 
-अपने देश के सामान के इस्तेमाल का अभियान चलाए। स्वदेशी सामान के इस्तेमाल की अपील। 
-भारत के टूरिस्ट स्थानों पर जाएं, भले ही वहां कुछ कठिनाइयां ही क्यों न हो।
-विदेश में घूमने जाने वाले देश के पर्यटन स्थलों की ओर जाएं।
-2022 तक देश के 15 पर्यटन स्थलों पर घूमने जाएं। 
-देश के भीतर आप घूमेंगे तो लोगों को रोजगार मिलेगा। 
-मोदी का बड़ा ऐलान, भारत में बनेगा चीफ ऑफ डिफेंस का पद 
-चीफ ऑफ डिफेंस का पद बनाया जाएगा। तीनों सेनाओं का एक प्रमुख होगा। 
-आतंकवाद मानवता के खिलाफ है। पूरी दुनिया को इसके खिलाफ एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। 
-बांग्लादेश और श्रीलंका भी आतंकवाद से जूझ रहे हैं।
-आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर 100 लाख करोड़ खर्च होंगे। 
-आज लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। 
-ईज ऑफ डू‍इंग से आगे बढ़कर ईज ऑफ लिविंग का लक्ष्य। 
-जब आजादी के 75 साल हों तब देश के हर गांव में बिजली और ब्रॉड बैंड कनेक्टिविटी होना चाहिए। 
-जनसंख्या विस्फोट रोकने के लिए जन जागरण की आवश्यकता
-छोटा परिवार रखने वालों का देश के विकास में योगदान। 
-जिनका छोटा परिवार है, उनसे सीखने की जरूरत है। 
-सामाजिक जागरूकता की बड़ी जरूरत है। 
-आबादी शिक्षित होना चाहिए, इस पर ध्यान रखने की जरूरत है। 
-बच्चे के जन्म से पहले उसकी जरूरत के बारे में सोचें। 
-हमारे अभियान में रुकावट लाने वालों की छुट्‍टी की। 
-लोगों के जीवन में सरकार का जो दखल है क्या हम उसे खत्म नहीं कर सकते। 
-सरकार का दबाव नहीं होना चाहिए। मुसीबत के समय सरकार का अभाव भी नहीं होना चाहिए। 
-व्यवस्था चलाने वाले लोगों के दिल और दिमाग को बदलने की जरूरत है। 
- न हमें थकना है, न थमना है, न रुकना है, न हिचकिचाना है। 
- जल संचय अभियान, जन सामान्य का अभियान बनना चाहिए। 
- चुनौतियों को सामने से स्वीकारने का वक्त आ चुका है। 
- अब सरकार हर घर तक पानी पहुंचाएगी। 
- आज भी देश के आधे घरों में पीने का पानी नहीं। 
- जल जीवन मिशन पर काम करेगी सरकार, 3.5 लाख करोड़ रुपए होंगे खर्च। 
- जो काम 70 साल में नहीं हुआ, 5 साल में करना होगा। 
-जीएसटी के माध्यम से वन नेशन वन टैक्स का काम किया।
-अब वन नेशन वन इलेक्शन पर चर्चा हो रही है। इस पर चर्चा चलनी चाहिए। हमें इस तरह की चीजों को जोड़ना होगा। 
-देश को आगे ले जाना है गरीबी को हटाना होगा। 
-बिजली के क्षेत्र में एक देश, एक ग्रिड की योजना।
-नरेन्द्र मोदी ने वन नेशन, वन कांस्ट्‍यूशन की बात कही। 
-हम सरदार पटेल के एक भारत के सपने को पूरा करने में लगे हुए हैं। 
-अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने के लिए सभी राजनीतिक दल भले ही मौन रूप से या प्रखर रूप से समर्थन करते रहे हैं, लेकिन चुनावी राजनीति के चलते वे खुलकर बात नहीं कर पाते। 
-अनुच्छेद 370 और 35ए इतना ही महत्वपूर्ण था तो आपने 70 साल में इसे स्थायी क्यों नहीं किया क्यों इसे टेंपरेरी बनाकर रखा गया। 
-आप भी जानते हैं, जो हुआ वह सही नहीं है, लेकिन सुधार करने की आपमें हिम्मत नहीं है। 
-मेरे लिए देश का भविष्य ही सब कुछ है। राजनीतिक भविष्य कुछ नहीं होता। 
-70 साल की व्यवस्था ने आतंकवाद और अलगाववाद को जन्म दिया। 
-जो लोग जम्मू कश्मीर में आकर बसे उन्हें मानवीय अधिकार भी नहीं मिले। उनकी भी चिंता करने की जरूरत है। 
-370 जम्मू कश्मीर और लद्दाख के विकास में बाधा बन रहा था। 
-नागरिक मानवीय अधिकारों से वंचित रहे।
-जो काम 70 साल में नहीं वह 70 दिनों में कर दिखाया। अब समस्याओं को टालने और पालने का समय नहीं है। 
-मेरा अपना कुछ नहीं, जो काम आपने दिया है, वही करने आया हूं। अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाया। 
-हम सबका दायित्व है कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों को सपनों के नए पंख मिले, यह हम सबकी जिम्मेदारी है।
-इसको लेकर जो रुकावट आई है, उन्हें हमने दूर करने की कोशिश की है। 
-जम्मू कश्मीर के दलित और जनजाति के भाइयों को भी पूरे देश की तरह अधिकार मिलने चाहिए, जब अब तक नहीं मिलते थे।
- मुस्लिम महिलाओं को संविधान में हक मिला। 
- तीन तलाक से डरी जिंदगी जी रही थीं महिलाएं। 
- तीन तलाक की तलवार से डरी हुई थीं बेटिया। 
- तीन तलाक से डरी जिंदगी जी रही थीं महिलाएं। 
- तीन तलाक की तलवार से डरी हुई थीं बेटिया। 
- अगले 5 साल में लोगों की आकांक्षाएं पूरा करेंगे। 
- 2014 से 2019 तक 5 साल कड़ा परिश्रम किया। 
- 5 साल में सबका विश्वास पैदा हुआ। 
- जनता के विश्वास ने काम करने का बल दिया। 
- 2019 में कोई पार्टी नहीं, नेता नहीं, जनता चुनाव लड़ रही थी। 
- ये दौर सेवा, संकल्प और सिद्धी की। 
- 90 हजार करोड़ किसानों के खाते में ट्रांसफर किए। 
- किसानों के लिए पेंशन की व्यवस्था की।
- जल संकट से निपटने के लिए जलशक्ति मंत्रालय की स्थापना की। 
- डॉक्टरों की कमी पूरी हो इसके लिए नया कानून बनाया। 
- मुस्लिम महिलाओं को हक देने के लिए कानून बना। 
- आतंकवाद के खिलाफ कानून सख्‍त बना। 
- हम लोगों की उम्मीदें पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं। 
- मात्र 10 हफ्तों में सरकार ने सभी दिशा में काम किया। 
- अनुच्छेद 370, 35 ए का हटना बड़ा कदम। 
- लाल किले पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। कुछ ही देर में फहराएंगे तिरंगा। 
- राजघाट पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। 
- गृहमंत्री अमित शाह ने देश को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बधाई दी।
-  वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को वीर चक्र से सम्मानित किया जाएगा।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस और रक्षा बंधन के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।

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